राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर, 30 सितंबर तक पूरा कर लें ये काम वरना नहीं मिलेगा मुफ्त राशन का लाभ, जानें प्रक्रिया

पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों में केवल उन्हीं सदस्यों को राशन मिलेगा जिनका ई-केवाईसी हुआ है। जिन सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उनका राशन खारिज कर दिया जाएगा।
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यूपी के सीतापुर, आजमगढ़ और मुरादाबाद के राशन कार्ड धारकों के लिए काम की खबर है। अगर अबतक आपने ई-केवाईसी नहीं करवाई है तो 30 सितंबर 2025 तक करवा लें अन्यथा मुफ्त राशन का लाभ नहीं मिलेगा। जो सदस्यों ई-केवाईसी नहीं करवाते है उनका तीन महीने तक राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद नाम राशन कार्ड से काट दिया जाएगा। इसके अलावा गांव से बाहर विदेशों में रह रहे लोगों की भी पहचान होगी।

25 सितंबर तक होगा मुफ्त राशन वितरण

राशन कार्ड धारकों को सितंबर महीने का राशन 10 सितंबर से वितरित होना शुरू हो गया है। अब 25 सितंबर तक यह वितरण होगा।उचित दर की दुकानें सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक खुली रहेंगी, लेकिन दोपहर में 12 से 2 बजे के बीच दुकानें बंद रहेंगी । खाद्यान्न वितरण का समय सुबह 8 से दोपहर 12 बजे और दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक रहेगा। अन्त्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 14 किलो गेहूं और 21 किलो फोर्टिफाइड चावल मिलेगा। अन्त्योदय कार्डधारकों को जुलाई, अगस्त और सितंबर त्रैमास के लिए 3 किलो चीनी 18 रुपये प्रति किलो की दर से दी जाएगी।पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट 2 किलो गेहूं और 3 किलो फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा। जिन राशन कार्डधारकों ने केवाईसी नहीं कराया है उन्हें लाभ नहीं दिया जाएगा। यदि उन्होंने ई केवाईसी करा ली तो अक्टूबर महीने से राशन मिलने लगेगा ।

ईकेवायसी ना कराने पर नहीं मिलेगा लाभ

पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों में केवल उन्हीं सदस्यों को राशन मिलेगा जिनका ई-केवाईसी हुआ है। जिन सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उनका राशन खारिज कर दिया जाएगा। तीन महीने तक ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा।अंत्योदय कार्ड धारकों के जिन सदस्यों ने केवाईसी नहीं कराया है, उनके कार्ड पर रेड फ्लैग प्रदर्शित होगा। सभी कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है।अगर इस समय में यह लाभार्थी ई-केवाईसी नहीं कराते हैं तो इनके कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। कार्डधारकों को आधार प्रमाणीकरण भी अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई लाभार्थी लगातार तीन महीने तक राशन का उठान नहीं करता है तो उसका नाम सूची से हटा दिया जाएगा।

राशन कार्ड धारकों के लिए क्यों जरूरी है eKYC

राशन कार्ड E-KYC यानी Know Your Customer है, इसे कराने के बीच वजह राशन कार्ड धारकों की पहचान को वेरिफाई करना है और फर्जी राशन कार्ड को खत्म करना है। KYC प्रक्रिया को पूरा करने से केवल उनको लाभ मिलेगा जो पात्र हैं।फर्जी राशन कार्ड अगर किसी के नाम पर है तो उसे खत्म किया जा सकेगा।eKYC प्रक्रिया के तहत प्रत्येक राशन कार्ड सदस्य को अपना नाम, जन्मतिथि आदि का मिलान अपने आधार डाटा के साथ करना है।

राशन कार्ड e-KYC ऑनलाइन कैसे पूरा करें

  • अपने राज्य की आधिकारिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) वेबसाइट खोलें, क्योंकि हर राज्य का अपना अलग ई-केवाईसी प्लेटफॉर्म है।
  • होमपेज पर सेवाओं या राशन कार्ड मेनू में आपको “राशन कार्ड के लिए ई-केवाईसी” सेगमेंट या इसी तरह का ऑप्‍शन द‍िखेगा। उसमें जाएं।
  • अपना राशन कार्ड नंबर और आधार नंबर (परिवार के मुखिया या संबंधित सदस्य का) यहां दर्ज करें।
  • अपने आधार अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्‍तेमाल करें। वेर‍िफ‍िकेशन पूरा करने के लिए अपने फोन पर भेजा गया OTP दर्ज करें।
  • ड‍िटेल दर्ज करने के बाद, आपको अपने e-KYC के पूरा होने वाला एक मैसेज म‍िलेगा।

पंजाब-हरियाणा में ईकेवायसी अनिवार्य

  • हरियाणा के फरीदाबाद के राशन कार्ड धारकों के लिए डिपो से सरकारी राशन लेने के लिए अब परिवार के सभी सदस्यों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है। जिन धारकों ने अबतक ईकेवायसी नहीं करवाया है वे 30 सितंबर तक करवा लें अन्यथा राशन का लाभ नहीं मिलेगा।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को ई-केवाइसी मोबाइल एप्लीकेशन मेरा ई केवाइसी पर फेस आथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) करके रजिस्टर किया जा सकता है। ओटीपी के माध्यम से यह प्रमाणीकरण संभव हो सकेगा। लाभार्थी परिवार के सभी सदस्य चेहरे के जरिये रजिस्ट्रेशन के बाद राशन की सुविधा ले सकते हैं।
  • पंजाब के मानसा में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे मुफ्त राशन कार्ड धारकों को भी ईकेवाईसी कराना अनिवार्य है, जिसकी लास्ट डेट 30 सितंबर 2025 है, अन्यथा राशन मिलना बंद हो सकता है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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