महाशिवरात्रि एक ऐसा अवसर होता है जब शिव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। वाराणसी का काशी विश्वनाथ धाम भी ऐसे ही जगह है, जहां साल भर देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक स्थान है, जो भक्तों के बीच बहुत प्रसिद्ध है।
महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर मंदिर न्यास द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। किसी तरह की परेशानी ना हो और सुगम दर्शन उपलब्ध हो सके इसके लिए प्रशासन द्वारा कुछ जरूरी फैसले लिए गए हैं।
काशी विश्वनाथ धाम में स्पर्श दर्शन पर रोक
महाशिवरात्रि की मौके पर काशी विश्वनाथ की पूजा और आरतियां विधिवत रूप से पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार संपन्न की जाएगी। आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर न्यास ने 14 फरवरी से 17 फरवरी तक बाबा के स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी है। इस दौरान भक्त केवल झांकी के दर्शन कर सकेंगे।
इन वस्तुओं पर प्रतिबंध
काशी पुराधिपति के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी है। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, पेन, बैग, स्मार्ट घड़ी, पॉलिथीन, तंबाकू,प्लास्टिक की बोतल जैसी वस्तुएं लाना पूर्ण तरह से प्रतिबंधित किया गया है। प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
मंदिर प्रशासन ने जारी किए दिशा निर्देश
मंदिर प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन करने का निवेदन मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने श्रद्धालुओं से किया है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करें, सहयोग बनाए रखें ताकि इस महापर्व को श्रद्धा, अनुशासन और शांति से संपन्न किया जा सके।





