उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) में धार्मिक स्थलों पर लगे अवैध लाउडस्पीकरों पर ताबड़तोड़ एक्शन (Action on Loudspeakers) जारी है। रविवार को यूपी की राजधानी लखन ऊ (Lucknow) में कई जगहों पर पुलिस की टीम पहुंची और मस्जिदों और मंदिरों में लगे लाउडस्पीकर को हटाने की कार्रवाई की। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
बता दें कि UP सरकार के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों के साथ सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाएंगे। पुलिस वालों ने मस्जिदों के इमामों और मंदिरों पुजारियों को समझाया कि तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर का इस्तेमाल गैर कानूनी है, इसे उतार लें। यह कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण को रोकने और निर्धारित सीमा का पालन करवाने के लिए की गई।
कई जिलों में लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई
रविवार को पुलिस प्रशासन ने धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगे अवैध लाउडस्पीकरों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया। इसी कड़ी में ध्वनि प्रदूषण पर नकेल कसते हुए बरेली पुलिस ने पहले दिन शहरभर में दबंग एक्शन दिखाया। धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर लगे अवैध लाउडस्पीकरों के खिलाफ छापेमारी अभियान में पुलिस ने पहले ही दिन 96 जगहों से लाउडस्पीकर उतरवा दिए।
वहीं पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने का दावा करते हुए फिरोजाबाद में धार्मिक स्थलों पर कथित तौर पर तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर्स पर कार्रवाई की है। पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के तहत कई जगहों से लाउडस्पीकर उतरवाए और कई स्थानों पर आवाज की तीव्रता को कम कराया।
इसी दौरान मुजफ्फरनगर में भी पुलिस ने लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई की है। डीजीपी के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत सिविल लाइन और नगर कोतवाली थाना क्षेत्र में करीब 15 लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि राज्य सरकार के तय मानकों को लागू कराने के लिए की जा रही है।
1 लाख से ज्यादा लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई
बता दें कि योगी सरकार ने 2022 से यूपी के धार्मिक स्थलों से अवैध लाउडस्पीकर हटाने का अभियान शुरू किया था और अब तक यूपी में धार्मिक स्थलों से एक लाख से ज्यादा लाउडस्पीकर्स हटाये जा चुके हैं। वहीं, डेढ़ लाख से ज्यादा लाउडस्पीकर्स की आवाज कम की जा चुकी है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





