महाकुंभ 2025 में रुकने की चिंता दूर, PDA होम स्टे से मिलेगा सस्ता और सुविधाजनक आवास, जानें पूरी डिटेल

महाकुंभ 2025 का भव्य आयोजन लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रयागराज की ओर आकर्षित करेगा। ऐसे में ठहरने की चिंता लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। इसे आसान बनाने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने एक खास होमस्टे योजना शुरू की है।
Mahakumbh 2025

Mahakumbh 2025: महाकुंभ जैसे विशाल और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजनों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। जिस वजह से कई बार व्यवस्थाएं अच्छी होने के बावजूद भी होटल और गेस्ट हाउस में आवास की कमी होने लगती है।

अब इस स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि होम स्टे एक बेहतरीन ऑप्शन उभरकर सामने आया है। होम स्टे न केवल पर्यटकों को किफायती और आरामदायक आवास देगा बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, खानपान और जीवनशैली को नजदीक से जानने का अवसर भी देगा।

महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2025)

आपको बता दें, महाकुंभ 2025 का आयोजन 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में किया जा रहा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह साल 2013 के आयोजन से दोगुना है।

इस बार आयोजन स्थल पर जोन, सेक्टर, पांटून पुल, थाना, चौकी और फायर स्टेशन की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। इन उपायों का मकसद न सिर्फ श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाना है, बल्कि प्रयागराज के पर्यटन को भी एक नई दिशा और आयाम देना है।

होमस्टे बुकिंग का आसान तरीका

महाकुंभ 2025 के दौरान पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से आवास उपलब्ध कराने के मकसद से प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने ‘गांव देखो टीम’ के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते के तहत khumbhstays.com को आधिकारिक प्लेटफार्म के रूप में मान्यता दी गई है जहां पर पर्यटक अपनी पसंद की होमस्टे पर जाकर सिलेक्ट कर सकते हैं और बुक कर सकते हैं। चलिए जानते हैं कि इसे किस तरह बुक किया जा सकता है।

होमस्टे से अतिरिक्त आय और बेहतर सुविधाएं

इस नई होमस्टे योजना के तहत, स्थानीय संपत्ति मालिक अपने घर को पर्यटकों के लिए किराए पर उपलब्ध करा सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा साथ ही साथ पर्यटकों को एक रहने के लिए अच्छी जगह भी मिलेगी। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पर्यटन और प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।

सुरक्षा और गुणवत्ता की पूरी जांच

जिसमें संपत्ति मलिक के दस्तावेजों की जांच होगी, स्वामित्व का सत्यापन, सुरक्षा मानकों और सुविधाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि होम स्टे की व्यवस्था न केवल सुरक्षित हो बल्कि आरामदायक भी हो।

नहीं देना होगा कोई टैक्स

सबसे जरूरी बात यह है, कि होम स्टे योजना के तहत संपत्ति मालिकों को किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं देना पड़ेगा। यह कदम स्थानीय निवासियों को इस योजना से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा, क्योंकि जब उन्हें यह पता चलेगा कि उन्हें घर किराए से देने के लिए किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं देना है, तो वे किसी भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के बिना अपने घर को पर्यटकों के लिए किराए पर दे सकते हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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