एक तरफ जहां देश में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला गरमाया हुआ है तो वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावा चोरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने लगी है। हालांकि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गड़बड़ियों के आरोप के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है।
बता दें कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के कथित गबन और चोरी के मामलों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का बयान सामने आया है। उन्होंनें अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर और उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
मायावती ने की निष्पक्ष जांच की मांग
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा कि अयोध्या श्रीराम मंदिर के बाद उत्तराखंड राज्य में भी बद्रीनाथ धाम चढ़ावा में चोरी व गबन आदि होने का मामला चर्चाओं में है। इन दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों में इनके ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबन्धकों की भी अच्छी तरह से जांच होनी चाहिए।
मायावती ने आगे कहा कि दोनों धार्मिक स्थलों पर मुख्य प्रबन्धकों की जांच जरूरी है क्योंकि आगे चलकर इनकी आड़ में इनके स्थान पर दूसरे बने मुख्य प्रबन्धक भी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चा है कि निचले स्तर पर जो भी गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए या तो मुख्य प्रबन्धकों की मिलीभगत है या फिर उनकी लापरवाही की वजह से यह सब कुछ हुआ है। इसलिए इस प्रकरण की अब सही से जांच होनी बहुत जरूरी है तथा इस मामले में सरकार एवं विशेष जांच दल (SIT) को भी अच्छी तरह से ध्यान देना है।
आरोप लगाने वाले नेता पेश करें पुख्ता सबूत: मायावती
मायावती ने जांच की मांग के बाद कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) सहित जिन वरिष्ठ नेताओं ने श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और गबन के आरोप लगाए हैं, उनसे इन आरोपों के पुख्ता सबूत भी लिए जाने चाहिए, ताकि यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई हो सके और कोई भी अपराधी बच न पाए।
उन्होंने कहा कि यदि आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी माना जाएगा। मायावती ने कहा कि ऐसी स्थिति में यह धारणा बन सकती है कि जनहित के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाकर कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को चुनावी राजनीति का माध्यम बनाना चाहते हैं।
1. यू.पी. के अयोध्या में श्री राम मन्दिर के बाद अब उत्तराखण्ड स्टेट में भी बद्रीनाथ धाम चढ़ावा में चोरी व ग़बन आदि होने का मामला काफी सुर्ख़ियों में हैं। इन दोनों विख्यात धार्मिक स्थलों में इनके ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबन्धकों की भी सही से जाँच होनी चाहिये वरना फिर आगे चलकर इनकी…
— Mayawati (@Mayawati) July 7, 2026





