मेरठ में दौड़ेगी देश की सबसे तेज मेट्रो, आधुनिक सुविधाओं से होगी लैस

मेट्रो रेल नेटवर्क भारत में तेजी से पैर पसार रहा है। अब मेरठ भी इस दौड़ में शामिल हो गया है। यहां भारत की सबसे तेज और आधुनिक मेट्रो दौड़ाई जाने वाली है।
Meerut

भारत में मेट्रो का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। इस नेटवर्क में अब मेरठ भी अपनी जगह बनाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इसका उद्घाटन करने वाले हैं।इस उद्घाटन के साथ ये उत्तर प्रदेश का पांचवा ऐसा शहर बन जाएगा। जहां पर मेट्रो की सेवा शुरू होने वाली है।

मेट्रो की सुविधा शुरू होने के अलावा देश में कीर्तिमान भी देखने वाला है। दरअसल मेरठ मेट्रो सेवा में वही ढांचा और पटरी का उपयोग किया जाएगा जो देश की पहली आरआरटीएस कॉरिडोर पर चलने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन नमो भारत के लिए बनाया गया है।

कितनी होगी मेरठ मेट्रो की स्पीड

यहां चलने वाली मेट्रो 135 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड के साथ देश की सबसे तेज मेट्रो होने वाली है। इसकी पटरी की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है जबकि अन्य शहरों में यह स्पीड 95 है। मेरठ में एक ऐसा आदर्श मॉडल बनाया जाएगा जो आने वाले समय में अन्य शहरों में अपनाया जा सके।

कितने समय में होगी यात्रा

मेरठ दक्षिण स्टेशन से 23 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर पार करते हुए ट्रेन मोदीपुरम तक जाएगी। सभी 13 स्टेशनों पर रुकते हुए यह 30 मिनट में यात्रा पूरी करेगी। इस ट्रेन में हरे, नीले और नारंगी रंगों वाले स्टेनलेस स्टील के आधुनिक डब्बे लगाए जाएंगे।

क्या है खासियत

तीन कोच वाली ट्रेन रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस होगी। यह ब्रेक से बिजली उत्पन्न करेगी और ऊर्जा की बचत करेगी। इसमें ऑटोमेटिक क्रेन ऑपरेशन ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन जैसी तकनीक रहेगी। इन सुविधाओं की वजह से इसे बिना ऑपरेटर के भी संचालित किया जा सकेगा।

इसमें दोनों तरफ दो दो कतार से कुर्सियां हैं और बीच में गैलरी है। ऊपर किनारे की तरफ लगेज रैक बनाई गई है, जिसमें यात्री सामान रख सकते हैं। हर ट्रेन में 700 से ज्यादा यात्री सफर कर सकते हैं और बैठने की सीट 173 है। हर प्लेटफार्म पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स लगाए गए हैं जो मेट्रो ट्रेन के सिग्नल सिस्टम से जुड़ा है। ट्रेन तभी चलेगी जब इसके दरवाजे और पीएसडी दोनों पूरी तरह से बंद रहेंगे। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए भी जगह दी गई है। इसके अलावा स्टेशनों पर बड़ी लिफ्ट लगाई गई है ताकि स्ट्रेचर आसानी से ट्रेन तक पहुंच सके।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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