विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के पहले सहनी अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। वे 11 अप्रैल को लखनऊ में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य निषाद आरक्षण की लड़ाई को धार देना है।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में एक बयान जारी करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुकेश सहनी 11 अप्रैल को लखनऊ पहुंचेंगे ताकि यूपी में निषाद आरक्षण की लड़ाई को और गति दी जा सके। अब उत्तर प्रदेश में निषाद आरक्षण की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी, ऐसा पार्टी का कहना है।
देव ज्योति के मुताबिक, सहनी का यूपी दौरा केवल कार्यकर्ता सम्मेलन तक सीमित नहीं रहेगा। वे यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ निषाद समुदाय के समाजसेवियों से भी मुलाकात करेंगे। इन मुलाकातों का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझना और निषाद समुदाय के बीच पार्टी की पैठ को गहरा करना है।
कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरेंगे मुकेश सहनी
11 अप्रैल को लखनऊ में आयोजित होने वाले कार्यकर्ता सम्मेलन को पार्टी एक महत्वपूर्ण आयोजन मान रही है। मुकेश सहनी इस सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेंगे। यह सम्मेलन निषाद आरक्षण के लिए पार्टी की लड़ाई को नई दिशा और गति देने में सहायक होगा। पार्टी का मानना है कि यह आयोजन यूपी में निषाद समुदाय को एकजुट करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
वीआईपी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निषाद आरक्षण के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। देव ज्योति ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान यूपी सरकार ने निषाद आरक्षण को लेकर सिर्फ अनुशंसा की थी। लेकिन, चुनाव बीत जाने के बाद उस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय निषाद समुदाय को सिर्फ सब्जबाग दिखाए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मुकेश सहनी मुख्यमंत्री से करेंगे सीधे सवाल
मुकेश सहनी अपनी इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधा सवाल पूछेंगे। उनका सवाल है कि जब उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है, तो आखिर निषादों को आरक्षण अब तक क्यों नहीं दिया जा सका? यह सवाल सीधे तौर पर सरकार की मंशा और निषाद समुदाय के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है।
ज्ञात हो कि विकासशील इंसान पार्टी बिहार में महागठबंधन का एक महत्वपूर्ण घटक है। पार्टी ने पिछले साल बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के बैनर तले अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था। हालांकि, उस चुनाव में पार्टी के किसी भी उम्मीदवार को जीत हासिल नहीं हुई थी। इसके बावजूद पार्टी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर सक्रिय है।
लखनऊ में मुकेश सहनी द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लेने की यह पहल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के रूप में देखी जा रही है। पार्टी निषाद बहुल क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर आने वाले चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। यह कदम यूपी की राजनीति में वीआईपी की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और आगामी चुनाव के लिए उसकी रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है।





