Hindi News

बारामती से उम्मीदवार वापस लेने के बाद कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया आई सामने, कहा – ‘इस फैसले का CM फडणवीस…’

Written by:Banshika Sharma
Published:
कांग्रेस ने बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव से अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है। दरअसल पार्टी ने यह फैसला महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति और मर्यादा को बनाए रखने के लिए लिया है।
बारामती से उम्मीदवार वापस लेने के बाद कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया आई सामने, कहा – ‘इस फैसले का CM फडणवीस…’

महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव से कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है। दरअसल कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे ने अंतिम तिथि से पहले अपना नामांकन वापस ले लिया। पार्टी ने यह फैसला राज्य की राजनीतिक संस्कृति और मर्यादा को बनाए रखने का हवाला देते हुए लिया है, क्योंकि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का दो महीने पहले निधन हो गया था। हालांकि कांग्रेस ने यह भी साफ किया है कि वह किसी अन्य उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर रही है। इस सीट पर मतदान 23 अप्रैल को होगा और मतगणना 4 मई को की जाएगी।

दरअसल कांग्रेस के उम्मीदवार आकाश मोरे ने नामांकन वापस लेने के बाद कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार यह कदम उठाया है। आकाश मोरे ने कहा कि “पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार, मैंने अपना नामांकन वापस ले लिया है।”

दरअसल बारामती सीट से उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इस उपचुनाव में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की पत्नी सुनेत्रा पवार भी चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार के हटने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया जारी रहेगी, क्योंकि इस सीट से 30 से ज्यादा उम्मीदवार अभी भी मैदान में मौजूद हैं। वहीं मुंबई में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बताया कि यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के सम्मान में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति, मर्यादा और संवाद को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।

भाजपा के साथ किया था गठबंधन

दरअसल सपकाल ने यह भी कहा कि भले ही अजित पवार ने बाद में भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया था, लेकिन उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी। ऐसे में उनके निधन के बाद कांग्रेस ने राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने के लिए चुनाव से पीछे हटने का निर्णय लिया। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी अन्य उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर रही है। यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा निर्विरोध चुनाव कराने के अनुरोध से अलग है। सपकाल ने कहा कि यह पूरी तरह कांग्रेस का अपना निर्णय है और इसका किसी राजनीतिक समझौते से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने यह भी बताया कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस उम्मीदवार को नाम वापस लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रयास किए थे। सपकाल के अनुसार सुनेत्रा पवार ने उनसे तीन बार बातचीत की और इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की थी। इसके बावजूद कांग्रेस ने केवल उम्मीदवार वापस लेने का फैसला किया और किसी को समर्थन देने से दूरी बनाए रखी।

सपकाल ने भविष्य की राजनीति को लेकर भी पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बारामती में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बनाए रखेगी और 2029 के विधानसभा चुनाव में यहां मजबूती से चुनाव लड़ेगी। वहीं हर्षवर्धन ने कहा कि “मैं साफ कह रहा हूं कि 2029 में बारामती में कांग्रेस का उम्मीदवार होगा और वह जीतकर आएगा।”

राहुरी विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी बयान दिया

इसके साथ ही सपकाल ने राहुरी विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह की राजनीतिक मर्यादा बारामती में अपनाई गई है, वही राहुरी में भी लागू होनी चाहिए। अहिल्यानगर जिले की राहुरी सीट भाजपा विधायक शिवाजीराव कर्डिले के निधन के बाद खाली हुई है। इस सीट पर भाजपा ने उनके बेटे अक्षय कर्डिले को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) ने गोविंद मोकाटे को मैदान में उतारा है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
Follow Us :GoogleNews