ब्राजील की महिला क्रिकेटर लॉरा कार्डोसो ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे सुनकर हर कोई दांतों तले उंगली दबा रहा है। दरअसल उन्होंने एक ही मैच में नौ विकेट चटकाकर न सिर्फ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया, बल्कि अपनी टीम को एकतरफा जीत भी दिलाई। उनके इस अविश्वसनीय प्रदर्शन के दम पर विपक्षी टीम लेसोथो की पूरी टीम महज 13 रनों के शर्मनाक स्कोर पर ढेर हो गई। यह महिला अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के सबसे कम स्कोर में से एक है। इस असाधारण उपलब्धि ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है, क्योंकि टी20 जैसे ताबड़तोड़ फॉर्मेट में एक गेंदबाज के लिए इतने विकेट लेना लगभग अकल्पनीय माना जाता है।
दरअसल टी20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का खेल माना जाता रहा है। इस फॉर्मेट में चौकों और छक्कों की बारिश होती है, और गेंदबाज अक्सर रक्षात्मक होकर गेंदबाजी करते हैं। एक गेंदबाज को अधिकतम चार ओवर मिलते हैं, जिसमें पांच विकेट लेना भी बहुत बड़ी कामयाबी गिनी जाती है। ऐसी स्थिति में, अगर कोई कहे कि एक गेंदबाज ने नौ विकेट झटके हैं, तो शायद ही कोई इस बात पर यकीन कर पाए। लेकिन लॉरा कार्डोसो ने इस असंभव लगने वाले काम को हकीकत में बदल दिया। उनका यह रिकॉर्ड पुरुष और महिला दोनों तरह के टी20 क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा विकेट लेने का है।
ब्राजील और लेसोथो के बीच खेला गया था मैच
बता दें कि यह ऐतिहासिक मैच ब्राजील और लेसोथो की राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेला गया था। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ब्राजील की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 202 रनों का एक विशाल और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। यह स्कोर लेसोथो जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के लिए एक पहाड़ जैसा लक्ष्य था, जिसे हासिल करना उनके लिए लगभग नामुमकिन था। लेकिन जो कुछ इसके बाद हुआ, वह लेसोथो के खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था।
लेसोथो के बल्लेबाज क्रीज पर टिक ही नहीं पाए
दरअसल 203 रनों के भारी-भरकम लक्ष्य का पीछा करने उतरी लेसोथो की टीम को लॉरा कार्डोसो की तूफानी गेंदबाजी का सामना करना पड़ा। उनकी गेंदों में वो धार थी कि लेसोथो के बल्लेबाज क्रीज पर टिक ही नहीं पाए। पूरी टीम महज 6.2 ओवर ही बल्लेबाजी कर पाई और मात्र 13 रनों पर ऑलआउट होकर पवेलियन लौट गई। यह टी20 क्रिकेट में किसी भी टीम के लिए बेहद शर्मनाक प्रदर्शन माना जाएगा। लेसोथो की इस पारी में उनके किसी भी बल्लेबाज ने दहाई का आंकड़ा नहीं छुआ, यानी कोई भी 10 या उससे अधिक रन नहीं बना सका। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि उनकी टीम के आठ बल्लेबाज तो अपना खाता तक नहीं खोल पाए, और शून्य के स्कोर पर आउट हो गए। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जब एक पूरी टीम इतने कम रनों पर ढेर हो जाए और इतने सारे बल्लेबाज बिना कोई रन बनाए आउट हो जाएं।
सिर्फ तीन ओवर गेंदबाजी की
लॉरा कार्डोसो की गेंदबाजी के आंकड़े और भी हैरान करने वाले हैं। उन्होंने इस मैच में सिर्फ तीन ओवर गेंदबाजी की। इन तीन ओवरों के भीतर उन्होंने दो मेडन ओवर भी डाले, जिसका मतलब है कि इन दो ओवरों में उन्होंने एक भी रन नहीं दिया। अपने स्पेल में कुल मिलाकर उन्होंने मात्र 4 रन दिए और 9 बल्लेबाजों को आउट किया। उनका इकॉनमी रेट और विकेटों की संख्या टी20 क्रिकेट के हर पैमाने पर रिकॉर्ड-ब्रेकिंग है। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और स्विंग के आगे लेसोथो के बल्लेबाज बेबस नजर आए और एक के बाद एक अपनी विकेट गंवाते चले गए।
लेसोथो की पारी का एकमात्र बचा हुआ विकेट लॉरा कार्डोसो के साथी गेंदबाज मैरिएन आर्टुर के खाते में गया। मैरिएन ने अपने स्पेल की दूसरी ही गेंद पर यह विकेट चटकाकर लेसोथो की पारी को 13 रनों पर समेटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लेसोथो द्वारा बनाया गया यह 13 रनों का स्कोर महिला अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में दर्ज सातवां सबसे छोटा स्कोर है। इससे पहले भी कुछ टीमें बेहद कम स्कोर पर आउट हुई हैं; उदाहरण के लिए, मालदीव और माली जैसी टीमें मात्र 6 रनों पर ऑलआउट हो चुकी हैं। यह दिखाता है कि क्रिकेट में ऐसे अप्रत्याशित परिणाम आते रहते हैं, लेकिन लॉरा कार्डोसो का व्यक्तिगत प्रदर्शन उन्हें इन सभी से अलग और बेहद खास बनाता है।






