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चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज, CM धामी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने पर जोर, भ्रामक प्रचार पर FIR का आदेश

Written by:Gaurav Sharma
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया, ताकि देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं में मानवीय संवेदनशीलता और प्लास्टिक मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के साथ ही, भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी भी दी।
चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज, CM धामी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने पर जोर, भ्रामक प्रचार पर FIR का आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस साल की चारधाम यात्रा को हर लिहाज से बेहतर बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड की जीवन रेखा कही जाने वाली इस यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से मजबूत किया जाए। इसका मकसद साफ है, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें बेहतर अनुभव मिले।

मुख्यमंत्री धामी गुरुवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार, विश्वकर्मा भवन में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। इस बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा में हर पक्ष पर विशेष ध्यान दिया जाए, खासकर हेली सेवाओं के संबंध में। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।

प्लास्टिक मुक्त यात्रा पर जोर, अफवाह फैलाने पर FIR

मुख्यमंत्री धामी ने पिछले साल शुरू की गई ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ मुहिम को इस बार और ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में कूड़ा कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएं, ताकि प्लास्टिक मुक्त यात्रा सुनिश्चित हो सके। प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में एक गंभीर चेतावनी भी जारी की। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को लेकर कोई भी व्यक्ति भ्रामक जानकारी या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यात्रा को जन आंदोलन का रूप देने के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि जब तक आम जनता और स्थानीय समुदाय इसमें शामिल नहीं होंगे, यात्रा को पूरी तरह सफल बनाना मुश्किल होगा।

हेली सेवाओं के लिए कड़े नियम, नियमित जांच अनिवार्य

हेली सेवाओं के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित एसओपी (SOP) का पूरी सख्ती से पालन होना चाहिए। सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। इसके साथ ही, ऑपरेशनल ओवरलोडिंग से बचने के लिए समय-समय पर हेली सेवाओं को पर्याप्त विश्राम भी दिया जाए। यह यात्रियों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जरूरी है।

मौसम की निगरानी और आपदा प्रबंधन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अहम निर्देश दिए। उन्होंने मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और सौंदर्यीकरण

श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने कई सुझाव दिए। उन्होंने प्रमुख स्थलों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और थीम आधारित इंस्टॉलेशन विकसित करने को कहा, जिससे यात्री सुंदर यादें ले जा सकें। साथ ही, यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और साइनेज (सांकेतिक बोर्ड) को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।

आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारियों को सौंपी जाए और एक अलग नोडल अधिकारी नियुक्त कर दैनिक आधार पर निगरानी सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट्स और आवश्यकतानुसार अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके। पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सालयों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए, क्योंकि यात्रा के दौरान कई पशु भी सड़कों पर होते हैं। इसके अलावा, सीएसआर (CSR) और अन्य संसाधनों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने शौचालय, विश्राम स्थल (शेल्टर) और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दर्शन के लिए लंबा इंतजार न हो, इसके लिए स्लॉट मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए। इसमें रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाए, जिससे भीड़ को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सके।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा पर खास ध्यान

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली को और मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री ने भीड़भाड़ वाले रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बढ़ाने और डिजिटल प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए। इससे श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन में आसानी होगी और समय बचेगा।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने और आवश्यकतानुसार एआई (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों में पुलिस एवं होमगार्ड्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन की तैयारी

ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जाम की स्थिति बिल्कुल उत्पन्न न हो और इसके लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। स्थानीय नागरिकों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान और संचालन भी सुनिश्चित किया जाए।

आपदा प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पूर्व पहचान कर आवश्यक संसाधनों की तैनाती करने को कहा। एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने यात्रा अवधि के दौरान नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी करने और पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर सुधारात्मक कदम तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर गड्ढों को तुरंत भरने और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया, क्योंकि खराब सड़कें दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।

भंडारों और ओवररेटिंग पर सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने पिछले साल भंडारों को लेकर उत्पन्न विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशासन स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच समन्वय स्थापित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले। साथ ही, ओवररेटिंग पर सख्ती करते हुए सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न वसूला जा सके।

परिवहन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर रसोई गैस, केरोसीन, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न हो।

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