नए साल पर बांके बिहारी मंदिर जाने से पहले सावधान! जारी हुई एडवाइजरी, पढ़ें

नववर्ष पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में उमड़ने वाली रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने खास एडवाइजरी जारी की है। यात्रा से पहले ये जरूरी बातें जान लेना आपको भीड़, अव्यवस्था और जोखिम से बचा सकता है।
Mathura Vrandavan

हर साल जैसे ही नया साल करीब आता है, देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन पहुंचने लगते हैं। खासतौर पर ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन को लोग नए साल की शुरुआत का सबसे शुभ तरीका मानते हैं। यही वजह है कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को वृंदावन में जनसैलाब उमड़ पड़ता है।

लेकिन इस बार हालात कुछ ज्यादा ही चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक बांके बिहारी मंदिर में असाधारण भीड़ रहने की संभावना है। इसी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी की गई है, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने और दर्शन सुरक्षित तरीके से हो सकें।

बांके बिहारी मंदिर एडवाइजरी

श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने साफ तौर पर कहा है कि 29 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच अगर बहुत जरूरी न हो, तो श्रद्धालु मंदिर आने से बचें। इन दिनों वृंदावन में प्रतिदिन लाखों भक्त पहुंचते हैं, जिससे मंदिर परिसर ही नहीं, बल्कि पूरे शहर पर दबाव बढ़ जाता है। आस्था हर भक्त के लिए सबसे ऊपर होती है, लेकिन मंदिर प्रशासन का मानना है कि भीड़ ज्यादा होने से दर्शन में दिक्कत, धक्का-मुक्की और सुरक्षा से जुड़े खतरे बढ़ जाते हैं। इसी वजह से यह एडवाइजरी जारी की गई है।

नववर्ष पर बांके बिहारी मंदिर में कितनी होती है भीड़?

मथुरा पुलिस और प्रशासन के अनुसार, इन दिनों रोजाना लाखों श्रद्धालु वृंदावन पहुंच रहे हैं। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है। कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि श्रद्धालुओं को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। अत्यधिक भीड़ के कारण दर्शन व्यवस्था बाधित हो जाती है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह यात्रा बेहद कठिन हो सकती है। इसी कारण पुलिस ने खास तौर पर इन वर्गों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले दिनों में आने से बचें।

बांके बिहारी मंदिर दर्शन के दौरान क्या न करें

मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए कुछ जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं। सबसे पहले, मंदिर में किसी भी तरह का बैग, कीमती सामान या भारी वस्तुएं न लाएं। इससे सुरक्षा जांच में समय लगता है और भीड़ बढ़ती है। जूता-चप्पल लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश न करें। तय स्थानों पर ही जूते रखें। भीड़ में जेबकतरों से सावधान रहें और अपने सामान पर खुद नजर रखें।

नियमों का पालन करें

मंदिर और आसपास लगातार माइक से घोषणाएं की जाती हैं। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि इन अनाउंसमेंट को ध्यान से सुनें और उसी के अनुसार चलें। किसी भी अफवाह या गलत जानकारी पर भरोसा न करें। नियमों का पालन करने से न सिर्फ आपकी सुरक्षा होती है, बल्कि दूसरे भक्तों को भी परेशानी नहीं होती।

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Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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