नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने के लिए एक और पहल की जा रही है। दरअसल, यहां एयरपोर्ट के नजदीक एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस केंद्र बनाया जाएगा। दरअसल हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर दौरे पर गए थे। यहां पर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सुविधा विकसित करने के लिए इंजीनियरिंग कंपनी ने रुचि दिखाई है।
प्रदेश सरकार की इस योजना में जेवर में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, ओवर हालिंग और रिपेयर के साथ-साथ एविएशन उद्योग स्थापित करने का भी प्लान है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि एयरबस और बोइंग के पुर्जों का निर्माण भी यहां किया जा सके।
सिंगापुर की कंपनियों के साथ हुआ एमओयू
मुख्यमंत्री का जापान और सिंगापुर द्वारा निवेश को लेकर। यहां एयर कार्गो से लेकर लॉजिस्टिक एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस टाउनशिप जैसी चीजों को लेकर सिंगापुर की कंपनियों के साथ एमओयू किए गए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 1365 हेक्टेयर जमीन है, जहां पर एमआरओ की सुविधा विकसित की जाएगी।
बढ़ेंगे रोजगार और निवेश के साधन
सिंगापुर की सिया इंजीनियरिंग कंपनी ने जेवर में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव से न केवल एयरक्राफ्ट का मैनेजमेंट ठीक ढंग से किया जा सकेगा बल्कि निवेश और रोजगार के साधन भी बढ़ जाएंगे। यहां एमआरओ के साथ एविएशन उद्योग की स्थापना की योजना भी बनाई जा रही है। कार्गो हब के लिए एमओयू किया गया है। लॉजिस्टिक के क्षेत्र में निवेश के लिए मेपल ट्री लॉजिस्टिक ने एमओयू किया है। सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी और ग्रुप हाउसिंग के भी अनुबंध किए गए हैं। इन सभी प्रस्तावों को जल्द हो धरातल पर उतारा जाएगा।
जापान में भी हुए अनुबंध
सिंगापुर के अलावा जापान में यीडा के क्षेत्र में विकास करने के लिए एमओयू किए गए हैं। यहां पर जापानी एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन जापानी सिटी में एमएसएमई उद्योग विकसित करेगी। यीडा में निवेश को लेकर जापानियों कंपनी सकारात्मक रुख अपना रही है। कई अन्य कंपनियों की प्रतिनिधि यो के साथ निवेश को लेकर बैठक हुई है। सुजुकी मोटर्स, डेंसो, स्पार्क, होंडा, कुबोटा जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि जल्द ही निवेश के लिए दौरा करेंगे।






