
सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में अखिलेश ने पिछड़ों, मुसलमानों और सामान्य वर्ग के लोगों का हक छीना। राजभर ने दावा किया कि सपा सरकार में 86 में से 56 एसडीएम यादव समुदाय से बनाए गए थे, जिसे उन्होंने हक लूटने की मशीन का परिणाम बताया। सुल्तानपुर के इसौली में वलीपुर बाजार में आयोजित एक रैली में वह बोल रहे थे।
मीडिया से बातचीत में ओपी राजभर ने कहा कि सपा साढ़े आठ साल से सत्ता से बाहर है और अब उनका महल का माल खत्म हो रहा है। उन्होंने सपा पर प्रदेश का खजाना लूटने का भी आरोप लगाया। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजभर ने कहा कि एनडीए गठबंधन वहां सरकार बनाएगा और वे एनडीए के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा, उन्होंने एक ऐतिहासिक व्यक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि वह जाहिल, गंवार, बुजदिल, अनपढ़ था और उसका सेनापति सैयद मसूद गाजी भारत को लूटने आया था, जिसे बहराइच में युद्ध में मार दिया गया था।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे
सुल्तानपुर के कुड़वार में एक बीए छात्रा की हत्या के मामले पर राजभर ने कहा कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है, आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है और उन्हें जेल भेज दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि असली मुलजिम जो छात्रा को लखनऊ ले गए थे, वे जेल में हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने एक विशेष समुदाय के युवक और उसके रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है, लेकिन छात्रा की साइकिल अभी तक बरामद नहीं हुई है।
आखिर क्या है यह पूरा मामला
विवेचना में हत्या और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बलात्कार की धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं। सूत्रों का दावा है कि क्षेत्रीय भाजपा नेता के दबाव में पुलिस ने यह कार्रवाई की और परिजनों द्वारा नामजद किए गए दो युवकों को बचाया गया। राजभर ने अखिलेश के बयानों को समाज में नफरत फैलाने वाला बताते हुए कहा कि उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए।
