लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में आज एक गहरा सन्नाटा पसरा था, जो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के परिवार पर आए दुख की गवाही दे रहा था। दरअसल इस प्रतिष्ठित अस्पताल में अखिलेश यादव अपने छोटे भाई प्रतीक यादव के असामयिक निधन के बाद पहुंचे थे, जहां प्रतीक का पोस्टमार्टम किया जा रहा था। यह घटना न सिर्फ यादव परिवार के लिए एक बड़ा आघात है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी इसने शोक की लहर दौड़ा दी है। एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती का इस तरह व्यक्तिगत त्रासदी का सामना करना, स्वाभाविक रूप से सबकी संवेदनाओं का केंद्र बन गया है।
दजरासल अखिलेश यादव ने इस दुखद घड़ी में मीडिया से बात करते हुए अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उनका बयान बेहद भावुक था, जिसमें उन्होंने अपने छोटे भाई के प्रति गहरा स्नेह और उनके खो जाने का दर्द साफ झलका। उन्होंने कहा, “बहुत दुख है कि वो आज हमारे बीच नहीं हैं।” यह वाक्य उनकी पीड़ा को साफ बयां कर रहा था। इस असामयिक क्षति ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
कुछ ही दिन पहले उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि यह क्षति उनके लिए और भी मार्मिक है क्योंकि कुछ ही दिन पहले उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी। उस मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रतीक को व्यक्तिगत रूप से स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी थी। अखिलेश यादव ने प्रतीक से कहा था कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें और अपने कारोबार को भी आगे बढ़ाने पर ध्यान दें। यह जानकारी देते हुए अखिलेश यादव के चेहरे पर दुख साफ दिखाई दे रहा था, मानो उन्हें इस बात का मलाल हो कि उनकी सलाह के बावजूद यह अनहोनी हो गई।
पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे
प्रतीक यादव के निधन के बाद उपजे कानूनी पहलुओं पर भी अखिलेश यादव ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा, “स्वाभाविक है कि जो कानून कहता है और जो परिवार के लोग कहेंगे, उस हिसाब से हम लोग बात को मानेंगे।” यह बयान दर्शाता है कि दुख की इस घड़ी में भी वे कानूनी और पारिवारिक मर्यादाओं का पूरा सम्मान करने को प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि “जो कानूनी रास्ता हैं वो हम अपनाएंगे,” जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि किसी भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए परिवार तैयार है।
उन्हें “बहुत अच्छा लड़का” बताया
अखिलेश यादव ने अपने छोटे भाई प्रतीक के व्यक्तित्व को याद करते हुए उन्हें “बहुत अच्छा लड़का” बताया। यह उनके बीच के गहरे रिश्ते और प्रतीक के सरल स्वभाव को दर्शाता है। एक नेता के तौर पर अखिलेश यादव का यह व्यक्तिगत दुख उनके राजनीतिक जीवन में भी एक भावुक पड़ाव है। पूरे घटनाक्रम पर उनकी सीधी और स्पष्ट प्रतिक्रिया ने सबको प्रभावित किया है।






