ब्राह्मण समाज को लेकर अपनी कथित विवादित टिप्पणी के बाद समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखकर और वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। राजकुमार भाटी ने कहा कि उनके 12 मिनट के भाषण की केवल 7 सेकंड की क्लिप को वायरल कर उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी जाति या धर्म का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी ब्राह्मण भाई की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह बिना शर्त माफी मांगते हैं।
दरअसल भाटी ने अपने बयान के संदर्भ में बताया कि यह भाषण दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित एक पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान दिया गया था। उन्होंने कहा कि डॉ. रफरफ शकील अंसारी और जावेद अनवर की किताब ‘जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु’ के लोकार्पण के बाद एक परिचर्चा हुई थी, जिसमें योगेंद्र यादव, आशुतोष, प्रो. रतन लाल, शीबा असलम फहमी और बिलाल अहमद जैसे कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।
जानिए राजकुमार भाटी ने क्या कहा?
वहीं उन्होंने बताया कि अपने संबोधन में उन्होंने समाज में जातियों को लेकर प्रचलित कुछ खराब कहावतों और मुहावरों का जिक्र किया था। भाटी ने स्पष्ट किया कि ऐसी बातें हर समाज के खिलाफ कही जाती रही हैं और उनका मुख्य उद्देश्य केवल यह दर्शाना था कि समाज में इस तरह की सोच गलत है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने आगे कहा कि उन्होंने अपने भाषण में यह भी उल्लेख किया था कि एक पत्रकार ने उन्हें ब्राह्मण और वैश्य समाज से जुड़ा एक दोहा सुनाया था। उन्होंने बताया कि वह दोहा इतना खराब था कि उन्होंने उसे कभी सार्वजनिक रूप से नहीं सुनाया। भाटी ने यह भी कहा था कि वह ऐसे दोहों को सही नहीं मानते और ब्राह्मण समाज में बहुत भले और सम्मानित लोग हैं।
राजकुमार भाटी ने लगाया ये आरोप
भाटी ने आरोप लगाया कि उनके पूरे भाषण में से सिर्फ कुछ सेकंड की क्लिप काटकर सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही है ताकि उन्हें ब्राह्मण विरोधी के रूप में चित्रित किया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सच्चाई जानने के लिए पूरा वीडियो देखें।
अपने बयान में राजकुमार भाटी ने एक बार फिर दोहराया, ‘अगर मेरे शब्दों से किसी ब्राह्मण भाई को बुरा लगा है, उनके दिल को चोट पहुंची है तो मैं बिना किसी शर्त के हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था और न कभी हो सकता है।’ उन्होंने अपनी भावनाएं स्पष्ट कीं।
उन्होंने यह भी कहा कि वह समाजवादी विचारधारा से जुड़े व्यक्ति हैं और एक सच्चा समाजवादी कभी किसी जाति या धर्म का अपमान नहीं कर सकता। भाटी ने उल्लेख किया कि कुछ लोग लगातार उनके खिलाफ अभियान चलाते हैं और उन्हें ब्राह्मण विरोधी, सनातन विरोधी और हिंदू विरोधी साबित करने की कोशिश करते हैं, जबकि ये सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।
ब्राह्मण समाज ने देश को कई विद्वान दिए
राजकुमार भाटी ने भारतीय जनता पार्टी की आईटी सेल और कुछ अन्य लोगों पर उनके बयान को गलत तरीके से फैलाकर माहौल बनाने की कोशिश करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने देश को कई विद्वान, राष्ट्रभक्त, वीर योद्धा और बुद्धिजीवी दिए हैं और वह इस समाज का पूरा सम्मान करते हैं। सपा प्रवक्ता ने अंत में कहा कि वह किसी भी जाति, धर्म या समाज के खिलाफ अपमानजनक भाषा के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अधूरी क्लिप के बजाय पूरा सच देखें और समझें।






