उत्तर प्रदेश में अब मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से जुड़ते हुए प्रदेशवासियों से ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक सोने की खरीद से बचने की अपील की है। उन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान को प्रदेश में व्यावहारिक रूप से अपनाए जाने पर विशेष जोर दिया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम (WFH) की संस्कृति को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों के काफिले से अनावश्यक वाहनों को तुरंत हटाया जाए। सीएम योगी ने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के उपयोग पर विशेष बल दिया है। उन्होंने सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप आदि के वर्चुअल आयोजन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने वैश्विक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रदेशवासियों को जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि दुनिया में उथल-पुथल है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी होगी और प्रधानमंत्री के आह्वान का पालन करने के लिए राज्यों को तैयार रहना होगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का करें उपयोग: सीएम योगी
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। उन्होंने सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ आयोजित करने की बात कही और इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने के लिए कहा। औद्योगिक विकास विभाग और आईआईडीसी को औद्योगिक संस्थानों और बड़े स्टार्टअप्स में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है। जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, वहां सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी करने को कहा गया है। शिक्षा विभाग के सेमिनारों, बैठकों और वर्कशॉप समेत सभी सरकारी बैठकों का आयोजन वर्चुअली माध्यम से किया जाएगा। राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें भी वर्चुअली की जाएंगी। स्कूलों-कॉलेजों में स्कूली बसों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने और आवश्यकता पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी स्कूलों से जोड़ने का निर्देश दिया गया है।
ईंधन के उपयोग को कम करने के लिए पीक ऑवर में कार्यालय समय को अलग-अलग बैचों में बांटा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है, वहां लोग इसका अधिकतम प्रयोग करें और अधिक मांग वाले मार्गों पर बस समेत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं को बढ़ाया जाए। सीएम ने प्रदेशवासियों से विद्युत बचाने की भी अपील की और कहा कि सरकारी भवनों, घरों और निजी प्रतिष्ठानों आदि में अनावश्यक बिजली का प्रयोग न हो। निजी प्रतिष्ठानों और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स आदि में रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का न्यूनतम प्रयोग करने के निर्देश दिए गए।
सार्वजनिक साइक्लिंग शेयरिंग योजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक साइक्लिंग शेयरिंग योजना को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से अगले छह माह तक गैर-आवश्यक विदेशी यात्राएं न करने का आग्रह किया। सीएम ने नागरिकों और वेडिंग प्लानर्स आदि से देश में ही आयोजन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी हैरिटेज, ईको साइट्स और किले समेत अनेक अच्छे स्थल हैं, जहां डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा दिया जाए। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया, जिसमें वेलनेस, ईको, ग्रामीण, वन्यजीव और खानपान पर आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिले। सीएम ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ को लागू किया है। उन्होंने संग्रहालयों और स्मारकों आदि को कुछ समय के लिए निःशुल्क किए जाने का भी निर्देश दिया। पर्यटन विभाग को होटल, एयरलाइंस, टूर ऑपरेटर और ट्रेवल एजेंट आदि के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में जहां भी उत्तर प्रदेश के प्रवासी नागरिक हैं, उन्हें प्रदेश में घूमने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए शॉपिंग फेस्टिवल, हेरिटेज टूर, गोशाला और मंदिर आदि का दर्शन कराएं। स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
त्योहारों, शादियों समेत विभिन्न आयोजनों में भारत में बने उपहारों, उत्पादों और हस्तशिल्प सामग्रियों को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) और जीआई टैग प्राप्त उत्पादों को उपहार के रूप में दिए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्वदेशी को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खाद्य तेल के उपयोग में कमी लाने का आग्रह किया, क्योंकि यह कदम स्वास्थ्य, घरेलू बचत और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए जरूरी है। नाट्य श्रृंखलाओं के जरिए लोगों को इस संबंध में जागरूक करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग पोषण जागरूकता शिविर लगाएगा और व्यापक प्रचार-प्रसार भी करेगा। स्कूलों, कॉलेजों, जिला, निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज, सरकारी कैंटीन, मिड डे मील, जेल, छात्रावास और पुलिस मेस आदि में भी खाद्य सामग्रियों में तेल के कम प्रयोग पर जोर दिया गया है। स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारी होटल, हलवाई, रेस्तरां, ढाबा और स्ट्रीट फूड आदि के यूनियन के साथ संवाद स्थापित कर कम तेल वाले खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने पर जोर देंगे।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश
सीएम ने कृषि विभाग को नेचुरल फॉर्मिंग को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गोशालाओं में 14-15 लाख गोवंश हैं, जिनके गोबर का भी उपयोग किया जाए। सीएम ने फॉर्मर रजिस्ट्री पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सोने की अनावश्यक खरीद से बचने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन और व्यापारियों आदि के साथ बैठक कर उनकी चिंताओं को दूर करे। प्रदेश में पीएनजी नेटवर्क का मिशन मोड पर विस्तार करने और इसके कनेक्शन को बढ़ाने पर जोर देने का निर्देश दिया गया है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के साथ भी बैठक करने को कहा गया है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके जरिए रूफटॉप सोलर को अपनाए जाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
Uttar Pradesh CMO says – Residents urged to heed Prime Minister’s call: reduce fuel consumption and avoid unnecessary gold purchases — Chief Minister
Chief Minister holds meeting with Additional Chief Secretaries and Principal Secretaries
Directs 50% reduction in the vehicle…
— ANI (@ANI) May 12, 2026






