राजा भैया का बड़ा बयान, कहा – ‘ आज जितने भी मुसलमान हैं, वे पहले हिंदू ही थे, धर्म बदलकर मुसलमान बने’

कुंडा विधायक राजा भैया ने मुसलमानों को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। दरअसल उन्होंने कहा है कि आज जितने भी मुसलमान हैं, वे पहले हिंदू ही थे, और जो कायर या लोभी थे, उन्होंने धर्म बदल लिया।
राजा भैया का बड़ा बयान, कहा - ' आज जितने भी मुसलमान हैं, वे पहले हिंदू ही थे, धर्म बदलकर मुसलमान बने'

प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने मुसलमानों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद सियासत में हलचल तेज हो गई है। दरअसल उन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि आज जितने भी मुसलमान हैं, वे सब पहले हिंदू ही थे। उनके इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में गरमाहट ला दी है।

दरअसल राजा भैया ने अपने बयान में उन लोगों पर निशाना साधा, जिन्होंने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन किया है। उन्होंने कहा है कि “जो लोग कायर थे, लोभी और लालची थे, वे लोग धर्म बदलकर मुसलमान बन गए।” उनका कहना था कि मुसलमान मूल रूप से हिंदू ही थे। यह बयान 16 मई को प्रयागराज के एक गांव में आयोजित राम कथा के दौरान दिया गया था, जहां उन्होंने सभी हिंदुओं से एक होने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सारे मुसलमान पहले हिंदू ही थे, जिन्होंने बाद में अपना धर्म परिवर्तन कर लिया। राजा भैया ने खुद को और अपने समर्थकों को उन लोगों की संतान बताया जो धार्मिक और बलिदानी थे।

राजा भैया ने डीएमके नेता के बयान पर भी कसा तंज

दरअसल मुसलमानों पर अपने इस बयान को और बढ़ाते हुए राजा भैया ने तमिलनाडु के डीएमके नेता के सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के एक नेता ने सनातन धर्म को डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से तुलना करते हुए इसे समाप्त करने की बात कही थी, और यह भी कहा था कि हिंदू सबसे निकृष्ट धर्म है। राजा भैया ने इस पर कोई प्रतिरोध न होने पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कल्पना करने को कहा कि यदि यही बात इस्लाम के बारे में कही गई होती, तो पता नहीं कितने फतवे जारी हो गए होते, क्या-क्या आंदोलन हो गए होते और न जाने क्या-क्या बवाल हो गया होता।

हिंदुओं को अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश दिया

वहीं इस तुलना के माध्यम से राजा भैया ने हिंदुओं को अपनी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सबसे आवश्यक है कि एक तरफ हम धर्म का ज्ञान अर्जित करें और दूसरी तरफ सामर्थ्यवान हिंदू के रूप में अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए, अपने राष्ट्र के लिए अपनी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा के लिए हम आगे आकर लड़ने और भिड़ने के लिए तैयार हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लड़ाई को कोई दूसरा नहीं लड़ेगा, बल्कि इसे हम सभी को स्वयं ही लड़ना होगा। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘जाति-पाति की करो विदाई..हम सब हिन्दू भाई-भाई है..’ का नारा भी दिया।

दरअसल अपने बयान में उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि “जितने आज मुस्लिम हैं वो सब हिन्दू ही है। ये कोई अरब से नहीं आए हैं।” उन्होंने कहा कि जो आस्था विहीन थे, कायर थे, लोभी थे, लालची थे, जो निष्ठाहीन थे, वे लोग दबाव में आकर या प्रलोभन में आकर अपना धर्म परिवर्तन कर लिए। इसके विपरीत, जो धार्मिक थे, वीर थे और बलिदानी थे, हम सभी लोग उन्हीं की संतानें हैं। राजा भैया ने समाज के भीतर मौजूद विभाजन को सबसे बड़ी कमजोरी की वजह बताया, जिसका फायदा विरोधी ताकतें उठाती हैं। उनके इस बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है और विभिन्न राजनीतिक दलों से प्रतिक्रियाएं आने की उम्मीद है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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