रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2026) के विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर ‘स्नेहबंधन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, इस कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूली बच्चियों से रक्षा सूत्र बंधवाया और उनसे संवाद भी किया। योगी ने कहा उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार में प्रदेश की बेटियां पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रही हैं, उन्हें सम्मान मिल रहा है और वे आत्मनिर्भर बनकर हर क्षेत्र में प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर रही हैं। मैं उत्तर प्रदेश की मेरी सभी माताओं, बहनों और बेटियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई व अशेष शुभकामनाएं देता हूँ।
मुख्यमंत्री ने कहा आज उत्तर प्रदेश बदल चुका है, पहले बेटियां भय के कारण स्कूल नहीं जा पाती थीं लेकिन आज मुझे अच्छा लगता ही जब बेटियां स्कूल जाती हैं , योगी ने कहा जब मैं मुख्यमंत्री बना तब एक जिले के दौरे पर गया रास्ते में कुछ बच्चियां पैदल स्कूल जाती दिखाई दी उनके कंधे पर एक फटा सा थैला था जिसमें किताबें थी पैर में चप्पल नहीं थी मैं उसी दिन लौटकर जब लखनऊ आया तो मैंने बेटियों के लिए स्कूल बैग, दो यूनिफ़ॉर्म, किताबें, चप्पल, जूते मोज़े , स्वेटर निःशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा की, फिर मैंने ये आदेश सभी के लिए कर दिया और आज हम हर वर्ष 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, शूज, सॉक्स, स्वेटर यह सब उपलब्ध करवा रहे हैं।
हमने बेटियों को सैनिक स्कूल में प्रवेश की परंपरा शुरू की
योगी ने कहा देश का पहला सैनिक स्कूल लखनऊ में है इसमें केवल बेटों को ही प्रवेश की अनुमति थी लेकिन जब 2017 में हमारी सरकार आई और हमें मालूम चला तो 2018 में हमने कहा इसमें बेटियों को भी प्रवेश मिलना चाहिए और फिर पहली बार किसी सैनिक स्कूल में बेटियों को प्रवेश दिया गया और आज मुझे ख़ुशी है कि उत्तर प्रदेश की इस पहल के बाद आज देश एक सभी सैनिक स्कूलों में बेटों के साथ बेटियों को भी प्रवेश मिलता है, ये सुविधा अटल आवासीय विद्यालय में भी उपलब्ध कराई गई है।
कामकाजी महिलाओं की संख्या आज 36 फीसदी से ज्यादा है
योगी ने कहा पहले केवल 12 फीसदी महिलाएं ही नौकरी या रोजगार से जुडी हुई थीं लेकिन आज ये संख्या 36 फीसदी से अधिक हो चुकी है, यानि आजादी के 70 साल बाद केवल 12 फीसदी और मत्री 9 वर्षों में तीन गुनी संख्या हो गई है, हमारी सरकार कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क आवास की व्यवस्था भी कर रही है






