मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज राजधानी लखनऊ में डॉ राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए , उन्होंने यहाँ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जस्टिस विक्रम नाथ, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण भंसाली विशेष रूप से शामिल हुए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ और  ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हमारा संविधान है। डबल इंजन की सरकार ने संविधान की मूल भावना के अनुरूप प्रदेश में Rule of Law को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ लागू किया है। उन्होंने कहा आज जो डिग्री आपके हाथ में है, ये सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का वकालतनामा है।

डॉ राम मनोहर लोहिय ने एक आलेख लिखा था जिसमें उन्होंने भारत के बारे में लिखा कि भारत की पूर्णता के तीन महान स्वप्न हैं ये हैं राम, कृष्ण और शिव ,  उन्होंने अपने इस अलिख में लिखा कि हमें शिव जैसा मस्तिष्क चाहिए  कृष्ण जैसा हृदय होना चाहिए और राम जैसा कर्म और वचन की सामर्थ्य रखने वाला होना चाहिए, मेरा मानना है कि एक कानून के जानकार के लिए भी ये गुण जरूरी है, योगी ने कहा डॉ लोहिया मंदिर नहीं जाते थे किसी विशेष पूजा पद्धति में विश्वास नहीं करते थे लेकिन उत्तर प्रदेश में रामायण मेलों की शुरुआत डॉ राम मनोहर लोहिया ने ही की थी।

हमने UP में ‘रूल ऑफ माफिया’ हटाया , ‘रूल ऑफ लॉ ‘ स्थापित किया 

योगी ने समाजवादी पार्टी की सरकार का नाम लिए बिना कहा, पहले उत्तर प्रदेश में पहले प्रदेश में ‘रूल ऑफ माफिया’ था, हमने ‘रूल ऑफ लॉ’ ईमानदारी से लागू किया औ र्ताब हमये परिवर्तन लाने में सफल हुए और इस ‘रूल ऑफ लॉ’ ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से उबरकर भारत की टॉप थ्री इकोनोमी में से एक बन गए हैं अब कोई उत्तर प्रदेश पर प्रश्न खड़े नहीं कर सकता इसलिए मैं आप लोगों से कहता हूँ आप लोगों को उसी रूल ऑफ़ लॉ के सजग प्रहरी के रूप में काम करना है।

AI का इस्तेमाल अच्छी बात लेकिन उसपर निर्भर रहना गलत होगा 

योगी ने कहा आज के दौर में तकनीक ने अपराध भी बदला है और साक्ष्य भी बदले हैं आज युवा पीढ़ी AI के साथ अपना जीवन आगे बढ़ाना चाहती है हम देखते हैं तकनीक ने काम को आसान किया है कई हद समस्याओं का समाधान भी किया है लेकिन  लेकिन नई समस्याएं और चुनौतियां भी हम सबके सामने खड़ी की हैं। पहले किसी रिसर्च का परिणाम आने में समय लगता था लेकिन अब बहुत जल्दी परिणाम सामने आ जाता है इस मामले में AI ने बहुत मदद की है लेकिन डीप फेक के माध्यम से आज वही आवाज वही चेहरा सामने आ जाता है।

ड्राफ्ट मशीन बना सकती है लेकिन उसकी जिम्मेदारी आपकी होगी 

योगी ने कहा तकनीक का इस्तेमाल आज जरूरी है लेकिन हम उसपर इतना निर्भर ना हो जाएँ कि वो सुझाव भी दे और फैसला भी देने लगे, हम अपनी सुविधा के लिए उसका उपयोग करें उसपर निर्भर न हो जाएँ। इसलिए मैं आपसे कहूँगा कि आप AI को सहायक बनायें सारथी नहीं, सारथी तो आपके साथ धर्म ही है, ड्राफ्ट तो मशीन बना देगी लेकिन उसकी जिम्मेदारी आपकी होगी, एक गलत ड्राफ्ट  की कीमत किसी निर्दोष को भुगतनी पड़ सकती है इसका आपको ध्यान रखना होगा।