लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित परिवहन विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के लिए नई ग्रामीण जनता सेवा बसों की शुरुआत की। इस योजना के तहत 250 बसें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगी, जिनका किराया सामान्य रोडवेज बसों से 20 प्रतिशत सस्ता होगा। यह सेवा 75 से 80 किलोमीटर के दायरे में गांव-गांव तक पहुंचेगी, जिससे ग्रामीणों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही, छोटे कारोबारियों को दूध, सब्जी, फल जैसे सामान को मंडी और बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।
ग्रामीण जनता सेवा बसों का किराया 1.04 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है, जबकि सामान्य रोडवेज बसों का किराया 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर है। इससे यात्रियों को 100 रुपये के किराए पर केवल 80 रुपये चुकाने होंगे। परिवहन कर्मियों के लिए भी इस योजना से फायदा होगा, क्योंकि इन बसों के चालक-परिचालकों को 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान होगा, जो सामान्य बसों के 2.06 रुपये से अधिक है। इसके अतिरिक्त, 26 दिन लगातार संचालन पर 5000 रुपये का इंसेंटिव और 80 प्रतिशत से अधिक यात्री लोडिंग पर 50-50 प्रतिशत कमीशन का प्रावधान भी है।
विश्वस्तरीय बस स्टेशनों और सड़क सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 7 नए बस स्टेशनों का शिलान्यास किया और बताया कि पूरे प्रदेश में 54 विश्वस्तरीय बस स्टेशन बनाने की योजना है। आईआईटी खड़गपुर के साथ हुए समझौते से तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए सीएम ने अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने और “नो हेलमेट-नो फ्यूल” जैसे नियमों को लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, ड्राइवरों की मेडिकल फिटनेस जांच हर तीन माह में अनिवार्य करने पर जोर दिया।
नई बसों और जन सुविधा केंद्रों का उद्घाटन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 550 से अधिक नई बसों (इलेक्ट्रिक, सीएनजी और डीजल) का उद्घाटन किया और आरटीओ कार्यालय से जुड़े 48 कार्यों के लिए 1.50 लाख जन सुविधा केंद्रों की शुरुआत की। उन्होंने परिवहन विभाग की कुंभ और कोरोना काल में सराहनीय सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग ने लोगों को उनके गांवों तक पहुंचाने और महाकुंभ में 45 दिनों तक सेवा प्रदान कर पुण्य कार्य में योगदान दिया। परिवहन विभाग को समय का सच्चा साथी बताते हुए सीएम ने इसके योगदान की प्रशंसा की।





