उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और भवन मानकों को लेकर प्रशासन लगातार सख्ती दिखा रहा है। इसी कड़ी में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने मंगलवार को जांच के दौरान खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर पर कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक यह कोचिंग तीन मंजिला इमारत में संचालित हो रही थी। जांच में पाया गया कि भवन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और स्वीकृतियां मानकों के अनुरूप नहीं थीं। इसके बाद प्राधिकरण ने कोचिंग सेंटर को सील कर दिया।
लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी वजह से प्रदेश के कई शहरों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
PDA जांच में क्या मिला?
प्रयागराज विकास प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि जिस भवन में कोचिंग संचालित की जा रही थी, उसका कमर्शियल नक्शा स्वीकृत नहीं था। भवन उपयोग और सुरक्षा से जुड़े कुछ अन्य बिंदुओं की भी जांच की गई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में भवन नियमों का पालन अनिवार्य है क्योंकि बड़ी संख्या में छात्र रोजाना इन संस्थानों में आते हैं।
PDA के जोनल अधिकारियों के अनुसार इससे पहले भी कई कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि सील की गई बिल्डिंग को बिना अनुमति दोबारा खोला गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में सुरक्षा, भवन क्षमता और आपातकालीन निकासी व्यवस्था का सही होना बेहद जरूरी है। यही कारण है कि अब जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया जा रहा है।
कई शहरों में चल रहा अभियान
लखनऊ अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई शहरों में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, नोएडा, गाजियाबाद और अन्य शहरों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, भवन मानकों और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच की जा रही है। कई जगहों पर फायर सिस्टम में खामियां, बंद इमरजेंसी रास्ते और पुराने सुरक्षा उपकरण मिलने की रिपोर्ट सामने आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोचिंग सेक्टर में हर साल लाखों छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं, इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन करना उतना ही जरूरी है जितना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना। हाल के घटनाक्रमों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सभी संस्थान सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अभियान का मकसद किसी संस्थान को निशाना बनाना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में जांच और कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।






