
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हथकरघा और वस्त्र उद्योग क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जिलों में संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क स्थापित करने की घोषणा की है। एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि यह योजना न सिर्फ निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, बल्कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन स्थापित करते हुए यूपी को वैश्विक वस्त्र मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान भी दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस योजना को संत कबीर के नाम पर समर्पित करते हुए कहा कि उनके जीवन दर्शन में श्रम, सादगी और आत्मनिर्भरता का विशेष महत्व है..जो इस योजना का आधार बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना उत्तर प्रदेश की समृद्ध हथकरघा परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वैश्विक बाजार में नई पहचान स्थापित करेगी।
कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क स्थापित होंगे
कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क स्थापित करने के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश प्रस्तावों को जल्द से जल्द से लागू करने के लिए भूमि की पहचान और विकास कार्य तेज किए जाएं। यह योजना पीपीपी मॉडल या नोडल एजेंसी के माध्यम से लागू की जाएगी। पार्कों में सड़क, विद्युत और जलापूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएंगी। युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन इस योजना का मुख्य लक्ष्य होगा।
वस्त्र उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बुनकरों के लिए हर जिले में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझा जाए। साथ ही पॉवरलूम को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और बुनकरों की आय में वृद्धि होगी। बता दें कि उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष वस्त्र एवं परिधान निर्यातक राज्यों में शामिल है। वित्त वर्ष 2023-24 में प्रदेश से 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का वस्त्र एवं परिधान निर्यात हुआ जो देश के कुल निर्यात का 9.6 प्रतिशत है। कपड़ा उद्योग प्रदेश की जीडीपी में 1.5 प्रतिशत का योगदान देता है और लगभग 22 लाख लोग इस क्षेत्र से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

