प्रयागराज माघ मेला विवाद: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 11 दिन बाद खत्म करेंगे अनशन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेंगे आगे की घोषणा

प्रयागराज माघ मेले में 11 दिनों से अनशन पर बैठे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आज अपना धरना स्थगित कर सकते हैं। मौनी अमावस्या पर हुए विवाद के बाद से वे मेला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वे मेला क्षेत्र छोड़ देंगे।
प्रयागराज माघ मेला विवाद: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 11 दिन बाद खत्म करेंगे अनशन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेंगे आगे की घोषणा

माघ मेले में अधिकारियों के साथ हुए विवाद को लेकर पिछले 11 दिनों से अनशन पर बैठे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को अपना प्रदर्शन स्थगित कर देंगे। जानकारी के अनुसार, वे आज दोपहर में मेला क्षेत्र छोड़कर प्रयागराज स्थित अपने आश्रम वापस लौट जाएंगे। इस फैसले से पहले वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखेंगे।

यह पूरा विवाद मौनी अमावस्या के स्नान से ठीक पहले शुरू हुआ था। शंकराचार्य ने आरोप लगाया था कि मेला प्राधिकरण के अधिकारियों ने उनके शिष्यों और बटुकों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की थी। इस घटना के विरोध में उन्होंने मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान का बहिष्कार कर दिया था और अपने शिविर के सामने ही धरने पर बैठ गए थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद छोड़ेंगे मेला क्षेत्र

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बुधवार सुबह 11 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इसमें वे पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखेंगे और भविष्य की रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। इस प्रेस वार्ता के बाद दोपहर करीब 12 बजे वे अपने समर्थकों के साथ मेला क्षेत्र से प्रस्थान कर जाएंगे। उनके समर्थन में अन्य साधु-संत भी आगे आए हैं।

CM योगी पर साधा था निशाना

अपने अनशन के दौरान शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखा हमला बोला था। उन्होंने सीएम योगी पर अहंकारी होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वे किसी की सुनने को तैयार नहीं हैं।

“उनकी पार्टी के लोग भी उनसे कह रहे हैं लेकिन वो कुछ सुनना नहीं चाहते हैं। वो कहते हैं कि हम जिसे चाहेंगे जो करेंगे। मारेंगे-पीटेंगे, अब उनकी ये भाषा आ गई है।” — शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

इस मामले पर सियासत भी खूब हुई। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने शंकराचार्य का समर्थन किया था। वहीं, प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी उनसे मिलकर अनशन तोड़ने की अपील की थी, लेकिन तब यह विवाद सुलझ नहीं पाया था। अब शंकराचार्य के इस कदम के बाद मेले में चल रहे इस गतिरोध के खत्म होने की उम्मीद है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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