बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी, भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था

वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी, भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था

वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर प्रांगण में लोहे की रेलिंग लगाकर श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध प्रवेश और निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालु केवल दर्शन कर तुरंत बाहर निकलेंगे, जिससे मंदिर में ठहराव नहीं होगा। यह व्यवस्था 17 अगस्त तक लागू रहेगी, ताकि उत्सव के दौरान सुगम और सुरक्षित दर्शन हो सकें।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव 16 अगस्त, शनिवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन मध्य रात्रि में वर्ष में केवल एक बार होने वाली मंगला आरती होगी, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में बदलाव कर कतारबद्ध दर्शन की सुविधा लागू की है। विद्यापीठ से मंदिर तक बाजार क्षेत्र में भी रेलिंग लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन व्यवस्थित रहे।

हाई पावर कमेटी अध्यक्ष ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष और इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने गुरुवार सुबह ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर का दौरा किया। उनके साथ सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश मुकेश मिश्रा भी थे। सुबह सवा नौ बजे पुलिस सुरक्षा के बीच उन्होंने बांकेबिहारी के दर्शन किए और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी के अवसर पर भीड़ प्रबंधन और मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने संकरी गलियों और वीआईपी रोड का भी अवलोकन किया।

मंदिर चार नाम हाई पावर कमेटी के लिए प्रस्तावित

मंदिर की हाई पावर कमेटी में शामिल करने के लिए बांकेबिहारी मंदिर के सेवायतों ने सर्वसम्मति से चार नाम प्रस्तावित किए हैं। इनमें रजत गोस्वामी, शैलेंद्र गोस्वामी, हिमांशु गोस्वामी और गोपेश गोस्वामी शामिल हैं। ये नाम सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी में शामिल किए जाएंगे, जो मंदिर के प्रबंधन और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में सहयोग करेगी। यह कदम मंदिर की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है

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