अखिलेश यादव के बयान पर स्मृति ईरानी का पलटवार, बोलीं- अपना ध्यान सीरियल से हटाकर संसद पर लगाओ, जानें पूरा मामला

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर चर्चा के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर तंज कसा। जिसका पलटवार करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि अपना ध्यान सीरियल से हटाकर संसद पर लगाओ, औरतों के अधिकारिता के लिए ज़रूरी बिल पास करवाओ।
Smriti Irani

लोकसभा में गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार की ओर से तीन महत्वपूर्ण बिल महिला आरक्षण संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक 2026 पेश किए गए हैं। जिसको लेकर सदन में काफी हंगाम देखने को मिला। इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर तंज कसा है।

बता दें कि अखिलेश यादव सदन में अपनी बात रख रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 33 प्रतिशत सीटें कौन सी होंगी। आप अगर सीट रिजर्व कर देंगे तो सभापति महोदय ये महिलाओं के बीच ही प्रतियोगिता करा देंगे। क्योंकि वो अध्यक्ष महोदय वो बाएं तरफ वाले सदस्य कह रहे हैं कि वो तो होना चाहिए।

इसके अलावा सपा सांसद ने स्मृति ईरानी पर तंज कसते हुए आगे कहा वो सास-बहू वाली तो हार गईं अगर पार्टी को ये मौका मिलेगा तो ये ना केवल प्रतियोगिता से बच सकते हैं बल्कि महिलाओं के लड़ने की संख्या ज्यादा होगी।

स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव के बयान पर किया पलटवार

अखिलेश के बयान के बाद स्मृति ईरानी ने भी अपना बयान जारी किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर पटलवार करते हुए कहा, सुना है आज अखिलेश जी को पार्लियामेंट में मेरी याद आई। अच्छा हुआ- जिन्हें पॉलिटिक्स विरासत में मिली है, उन्हें वो भी याद रहते हैं जो अपने दम पर आसमान में छेद कर देते हैं। वो काम करने वाली औरतों पर कमेंट करते हैं, जिन्होंने ज़िंदगी में कभी नौकरी नहीं की। अपना ध्यान सीरियल से हटाकर संसद पर लगाओ, औरतों के अधिकारिता के लिए ज़रूरी बिल पास करवाओ।

अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला

सदन में अपनी बात जारी रखते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर ​हमला बोला है। उन्होंने भाजपा पर महिला आरक्षण विधेयक के बहाने ‘नारी को नारा बनाने’ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण बिल के समर्थन में है लेकिन भाजपाई चालबाजी के खिलाफ है। उन्होंने कहा जिन्होंने नारी को अपने संगठन में ही नहीं रखा, उनका मान-सम्मान कैसे रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा, हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सवाल यह है कि भाजपा के अंदर जल्दबाजी क्यों है?

Shyam Dwivedi
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7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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