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सोनभद्र खनन हादसे में मृतकों के परिजनों को दिए जाएं 50-50 लाख रुपए और सरकारी नौकरी, कांग्रेस ने रखी मांग

Written by:Rishabh Namdev
Published:
आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सोनभद्र में हुए खनन हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवार से मिले। इस दौरान करमसार गांव के इन पीड़ित परिवारों ने अजय राय को अपनी परेशानियां बताई। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए इस हादसे को सरकार की लापरवाही बताया है।
सोनभद्र खनन हादसे में मृतकों के परिजनों को दिए जाएं 50-50 लाख रुपए और सरकारी नौकरी, कांग्रेस ने रखी मांग

सोनभद्र में हुए खनन हादसे के बाद आज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। बता दें कि 15 नवंबर को सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में भीषण खनन हादसा हुआ था, जिसमें सात मजदूरों ने अपनी जान गंवाई थी। चार दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था इसके बाद मलबे से सातों शव बरामद किए गए थे। बता दें कि इस हादसे में एक ही परिवार के दो सगे भाइयों ने भी जान गंवाई थी। आज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सभी पीड़ित परिवारों से मिले।

वहीं इस दौरान अजय राय ने इस हादसे पर दुख जताते हुए सरकार से 50 लाख मुआवजे के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। पीड़ित परिवारों ने अजय राय से अपना दर्द बयां किया। इस हादसे में जान गंवाने वाले एक युवक की पत्नी ने कहा कि उसके लिए पूरी दुनिया उजड़ चुकी है। अब उसके लिए चार बच्चों को पालना चुनौती है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

दरअसल यह पूरा मामला ओबरा थाना क्षेत्र के पनारी ग्राम पंचायत के करमसार गांव का है। 15 नवंबर को पहाड़ी के दरकने से भीषण हादसा हो गया था, जिसमें 7 मजदूरों की मौत हो गई थी। चार दिन तक प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें सभी सातों शव बरामद कर लिए गए थे। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया था। आज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष इन्हीं पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान अजय राय ने सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि ‘यह हादसा सरकार की नाकामी का नतीजा है। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को कम से कम 50 लाख का मुआवजा दिया जाना चाहिए और एक सरकारी नौकरी भी मिलनी चाहिए।’

पीड़ित परिवार ने बयां किया दर्द

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से मृतक की पत्नी ने अपना दर्द बयां किया और कहा कि इस हादसे के बाद अधिकारी आए थे और 5 लाख की मदद भी दी, लेकिन आज तक हमें शौचालय नहीं मिला, न ही राशन कार्ड है। सरकार की ओर से चलाई जा रही हर घर नल जल योजना भी हमारे घर तक नहीं पहुंची है। हमारे घर एक बूंद पानी भी इस योजना का नहीं आया है। मेरे चार बच्चे हैं, एक बच्चा बहुत छोटा है, तीन बेटियां हैं। अब मैं उनका भविष्य कैसे संभालूं? मेरे पति के जाने से मेरी दुनिया उजड़ चुकी है। पति ने कहा था कि रविवार को वह घर आएंगे लेकिन यह हादसा हो गया और शनिवार को उनकी मौत की खबर आ गई।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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