उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रामनगरी अयोध्या में ‘गोरखधंधे’ का गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी अयोध्या दौरे की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भगवान श्रीराम मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं, बल्कि ‘डोनेशन फर्स्ट’ है। प्रयागराज में रविवार (28 जून 2026) को आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख ने यह महत्वपूर्ण बयान दिया।
अखिलेश यादव ने अपनी पत्रकार वार्ता में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि “रामनगरी में गोरखधंधा चल रहा है,” जिसकी जानकारी समाजवादी पार्टी ने पहले भी सार्वजनिक की थी। उनका यह बयान अयोध्या में मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर सवाल खड़े करता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे मर्यादा पुरुषोत्तम राम मंदिर के दर्शन करने अवश्य जाएंगे, लेकिन वे उन अनियमितताओं को भी उजागर करते रहेंगे जो उनके अनुसार पवित्र रामनगरी में हो रही हैं।
सपा प्रमुख ने भाजपा पर लगाया परीक्षाओं में मनमानी करने का आरोप
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर परीक्षाओं में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से 69 हजार शिक्षक भर्ती का जिक्र किया, जहां ओबीसी को 27 प्रतिशत, एससी को 21 प्रतिशत और एसटी को 2 प्रतिशत आरक्षण मिलना था, लेकिन अखिलेश यादव के अनुसार, इन निर्धारित आरक्षण मानकों का पालन नहीं किया गया। यह आरोप सरकार की भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाता है और लाखों युवाओं को प्रभावित करता है।
पेपर लीक मुद्दे को लेकर भाजपा पर भड़के अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने पेपर लीक के लगातार हो रहे मामलों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “अगर हम पेपर लीक की बात न करें, छात्रों की बात न करें, तो बात अधूरी रह जाएगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि “नौजवान छात्र हमारा भविष्य हैं, ये देश का फाउंडेशन हैं।” पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें हाल ही में महाराष्ट्र में पेपर लीक की खबर मिली है, और उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में भी कई पेपर लीक हुए हैं। अखिलेश यादव ने 2017 से लेकर अब तक के ऐसे मामलों का विस्तृत उल्लेख किया, जिससे सरकार पर छात्रों के भविष्य के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप और पुख्ता होता है।
सनातन धर्म की आड़ में ‘गोरखधंधे’ नहीं होने चाहिए: अखिलेश यादव
सनातन धर्म की आड़ में हो रहे कथित ‘गोरखधंधे’ पर भी अखिलेश यादव ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग सनातन धर्म की रक्षा चाहते हैं, लेकिन वे यह भी चाहते हैं कि सनातन धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार का ‘गोरखधंधा’ न हो। इस बयान के माध्यम से उन्होंने धर्म का राजनीतिकरण करने और कथित अनियमितताओं को छिपाने के प्रयासों पर सवाल उठाया। अंत में, उन्होंने भाजपा के नाम को व्यंग्यात्मक रूप से ‘भाचपा’ रखने का सुझाव दिया, जिसका अर्थ उन्होंने ‘चतुराई, चंदा, चोरी, चालबाजी’ बताया। यह टिप्पणी भाजपा की कार्यप्रणाली और राजनीतिक रणनीतियों पर उनके गहरे असंतोष को दर्शाती है। अखिलेश यादव के इन बयानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें अयोध्या, धार्मिक आस्था, सरकारी भर्ती और छात्रों के मुद्दे एक साथ उठ खड़े हुए हैं।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) June 28, 2026






