भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा (Mathura) में रविवार यानि 26 अगस्त से 11 दिवसीय ‘ब्रज रज उत्सव’ (Braj Raj Utsav) शुरू हो चुका है। इसका शुभारंभ योगी सरकार के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और सांसद हेमा मालिनी ने किया। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से इस उत्सव को आयोजित किया गया है। देश दुनिया के लोग इस उत्सव में शामिल होते हैं। उत्सव में प्रतिदिन कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी जाती है।
ब्रज रज उत्सव का आयोजन धौलीप्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड पर किया गया है जो 26 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा। मथुरा के धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर शुरू हुए इस उत्सव में ब्रज की संस्कृति, भक्ति और गीत-संगीत का समागम देखने को मिलेगा। सांसद हेमा मालिनी, जिन्होंने दो साल पहले ‘मीरा बाई’ पर आधारित नृत्य नाटिका से खूब वाहवाही लूटी थी, इस बार ‘यशोदा-कृष्ण’ नृत्य नाटिका में यशोदा जी की भूमिका में नज़र आएंगी।
ब्रजरज उत्सव के शुभारंभ अवसर पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि उत्सव के माध्यम से मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ अनेक प्रतिभाओं को प्रस्तुति देने का मौका दिया गया है। ब्रजरज उत्सव उत्तरी भारत की सांस्कृतिक धरोहर है। उत्सव के दौरान कवि सम्मेलन, भजन संध्या भी आयोजित की जाएगी। 4 नवंबर को कृष्ण यशोदा पर आधारित सांसद हेमा मालिनी की सांस्कृतिक नृत्य नाटिका देखने को मिलेगी।
11 दिन कलाकारों से सजेगा मंच
ब्रज रज महोत्सव में देश के जाने माने कलाकार अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगाएंगे। इस महोत्सव को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आ रहे हैं। तो वहीं कई लोग प्रस्तुति देकर अपना हुनर दिखा रहे हैं। 11 दिवसीय उत्सव में कलाकारों की प्रस्तुतियां निर्धारित कर दी गई हैं जो इस प्रकार हैं।
26 अक्टूबर- यास्मीन सिंह, नृत्य नाटिका ‘द डिवाइन कृष्णा’
27 अक्टूबर- कन्हैया मित्तल, भजन संध्या
28 अक्टूबर- कुंजलता मिश्रा मीरवाई नृत्य नाटिका तथा अभिलिप्सा पांडा डिवोशनल म्यूजिकल नाइट
29 अक्टूबर- रमा वैधनाथन, नृत्य नाटिका ‘अखिलम् मधुरम्’ तथा सुरेश वाडेकर नाइट
30 अक्टूबर- पुनीत इस्सर व सिद्धार्थ इस्सर, महानाट्य ‘जय श्रीकृष्णा: गीता सार’
31 अक्टूबर- दूरदर्शन की विशेष प्रस्तुति, लोक गीत संध्या व साधो बैंड भक्तिमय गीत संगीत.
1 नवंबर- मिस्मी वासु, भक्ति संगीत प्रस्तुति
2 नवंबर- सुजीत ओझा, भजन गायन तथा स्वप्रिल (पुणे), नृत्य-गायन : हिस्टोरिकल एम्पायर्स ऑफ इंडिया
3 नवंबर- पद्मश्री मनोज जोशी, महानाट्य ‘चाणक्य’
4 नवंबर- हेमा मालिनी, नृत्य नाटिका ‘यशोदा कृष्ण’
5 नवंबर- समापन दिवस, भव्य कवि सम्मेलन





