
लखनऊ के लोहिया संस्थान के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों को मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छा व्यवहार मरीज में विश्वास जगाता है, जिससे गंभीर बीमारियों में भी रिकवरी आसान हो जाती है। लेकिन यदि खराब व्यवहार के कारण मरीज मानसिक रूप से टूट जाए, तो कोई भी इलाज उसकी रिकवरी को मुश्किल बना देता है।
सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ा इंफेक्शन व्यवहार का है, जिसे सबसे पहले ठीक करने की जरूरत है। उन्होंने डॉक्टरों को सुझाव दिया कि मरीज या उनके तीमारदारों के गुस्से को बीमारी का हिस्सा मानकर नाराज होने से बचें। योगी ने अपने जनता दर्शन कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए बताया कि गुस्से में आए लोगों को शांत करने के लिए उन्हें बैठाकर, उनकी बात सुनकर और उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर स्थिति को संभाला जाता है।
जनता के भावनाओं को नजरअंदाज करने का परिणाम गंभीर हो सकता
उन्होंने नेपाल के हालिया हालात का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के भावनाओं को नजरअंदाज करने का परिणाम गंभीर हो सकता है। योगी ने कहा कि नेपाल में छोटी-छोटी बातों को अनदेखा करने के कारण जो स्थिति उत्पन्न हुई, उसे अन्य जगहों पर दोहराने से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। हर क्षेत्र में लोगों को अपने काम में संवेदनशीलता बरतनी होगी।
लोग समय पर शिकायत नहीं करते और बाद में समस्याएं लेकर आते
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस समारोह में सीएम योगी ने यह भी कहा कि जनता दर्शन में लोग अपनी शिकायतें लेकर आते हैं, और उनकी बात सुनकर समाधान का भरोसा देना जरूरी है। उन्होंने पंचायत चुनाव के संदर्भ में कहा कि कई लोग समय पर शिकायत नहीं करते और बाद में समस्याएं लेकर आते हैं। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील रहें, क्योंकि उनका व्यवहार मरीजों के स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है।
