
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गोरखपुर के विरासत गलियारे के दौरे के दौरान उनके साथ हुई कथित अभद्रता का मामला उठाया।
माता प्रसाद पांडेय ने लगाया आरोप
माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि गोरखपुर के पांडेयहाता में कुछ लोगों ने उनके खिलाफ भद्दे नारे लगाए, आगे चल रही दो गाड़ियों को तोड़ दिया और जटाशंकर चौराहे पर उनकी गाड़ी के सामने आकर फाटक खोलने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा होगा तो लोकतंत्र कैसे जीवित रहेगा?”
क्या बोले सीएम?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब में कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर “कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साधने” की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के उस इलाके में सड़क निर्माण के लिए अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं, व्यापारियों को मुआवजा दिया जा चुका है और विकास कार्य हो रहे हैं। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकारों पर व्यापारियों से “गुंडा टैक्स” वसूली और विकास की उपेक्षा के आरोप भी लगाए।
अपमान का लगाया आरोप
सीएम के बयान के बाद सपा विधायक नारेबाजी करने लगे और नेता प्रतिपक्ष के अपमान का आरोप लगाया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन सपा सदस्य शांत नहीं हुए और वेल में बैठकर हंगामा जारी रखा। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह मुद्दा “राजनीति से प्रेरित” है और यदि ऐसा न होता तो जांच में कोई दिक्कत नहीं होती। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के नाम पुकारकर प्रश्न पूछने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन अधिकांश ने प्रश्न नहीं पूछा। इस दौरान केवल सपा विधायक पल्लवी पटेल ने देश और प्रदेश में बढ़ते कैंसर मामलों पर सवाल उठाया, जिसका जवाब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिया।
