उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार 3 अगस्त से शुरू होगा। दरअसल सत्र से पहले रविवार को विधान भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। वहीं बैठक का उद्देश्य सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। सरकार और विपक्ष दोनों इस सत्र को लेकर अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर चुके हैं।
वहीं इस बार का मानसून सत्र कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश करेगी, जबकि विपक्ष कानून-व्यवस्था, धार्मिक स्थलों से जुड़े विवाद, किसानों, युवाओं और अन्य जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी में है। ऐसे में विधानसभा के भीतर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।
किन मुद्दों पर होगी सबसे ज्यादा चर्चा?
दरअसल मानसून सत्र के दौरान सरकार का मुख्य फोकस अनुपूरक बजट, नए विधेयकों और विकास योजनाओं पर रहेगा। वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव सदन में रखेगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े विधायी प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। दूसरी ओर, विपक्ष राज्य के कई समसामयिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों को सामने रखेगी और पिछले वर्षों में किए गए विकास कार्यों का ब्यौरा पेश करेगी। वहीं विपक्ष इन दावों पर सवाल उठाते हुए जवाब मांगने की कोशिश करेगा। यही वजह है कि इस सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना पहले से ही जताई जा रही है।
ट्रैफिक प्लान पर भी रहेगा फोकस
दरअसल विधानसभा की संभावित कार्यसूची के अनुसार पहले दिन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद नियमित कार्यवाही शुरू होगी। अगले दिन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश कर सकती है। इसके बाद बजट पर चर्चा, विधायी कार्य और अन्य सरकारी प्रस्तावों पर विचार होगा। राजधानी लखनऊ में विधानसभा सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले ही कड़ी कर दी गई है। विधान भवन और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट डायवर्जन की योजना लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है, ताकि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। हालांकि एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को विशेष छूट दी जाएगी।






