यूपी भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल, 5 जिलों में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा, राम सकल पटेल को मिली वाराणसी की कमान

उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पांच जिलों में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। वाराणसी की कमान राम सकल पटेल को मिली है।
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भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए अपने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पांच जिलों के लिए नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। पार्टी ने अम्बेडकर नगर, वाराणसी, चंदौली, गोरखपुर महानगर और देवरिया में नए चेहरों को संगठन की कमान सौंपने का फैसला किया है।

घोषणा के अनुसार, अम्बेडकर नगर की जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिलीप देव पटेल को सौंपी गई है। वाराणसी के जिलाध्यक्ष की महत्वपूर्ण कमान राम सकल पटेल को मिली है। चंदौली में काशी नाथ सिंह को यह पदभार दिया गया है, जबकि गोरखपुर महानगर के लिए रमेश प्रसाद गुप्ता का नाम तय किया गया है। देवरिया के जिलाध्यक्ष के रूप में काली प्रसाद कार्यभार संभालेंगे। यह नियुक्तियां पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा हैं जिसके तहत संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जा सके।

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने में जुटी भाजपा

भाजपा का मानना है कि इन नियुक्तियों से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को अपेक्षित गति मिलेगी। पार्टी लगातार बूथ स्तर तक अपने संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इन पांच नए जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों में पार्टी ने सामाजिक समीकरणों का भी विशेष ध्यान रखा है। घोषित नामों में से दो ओबीसी समुदाय से आते हैं, एक दलित वर्ग से, एक वैश्य और एक क्षत्रिय समुदाय से है। यह दर्शाता है कि पार्टी सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की अपनी नीति पर कायम है और समावेशी विकास के साथ-साथ समावेशी संगठन पर भी जोर दे रही है।

संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने को प्राथमिकता दी है। इस बार की नियुक्तियों में भी यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वाराणसी के नए जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल लंबे समय से पार्टी संगठन के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और उन्होंने विभिन्न स्तरों पर पार्टी के लिए काम किया है। इसी प्रकार, चंदौली के काशी नाथ सिंह भी भाजपा के एक प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हैं और उन्होंने वर्षों तक पार्टी के लिए निष्ठापूर्वक काम किया है। पार्टी का मानना है कि ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं को नेतृत्व देने से संगठन में जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनी रहती है।

यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर ऐसे बदलाव किए हैं। इससे पहले नवंबर 2025 में भी पार्टी ने 14 नए जिलाध्यक्षों की एक सूची जारी की थी। उस समय की नियुक्तियों में भी सामाजिक संतुलन बनाए रखा गया था, जिसमें सात सामान्य वर्ग से, छह पिछड़े वर्ग से और एक अनुसूचित जाति से थे। उस सूची में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के गृह जिले जालौन से उर्विजा दीक्षित और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जिले कौशांबी से धर्मराज मौर्य को दोबारा जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। पार्टी ने अलीगढ़ जिले से कृष्णपाल सिंह, अलीगढ़ महानगर से राजीव शर्मा और फिरोजाबाद जिले से उदय प्रताप सिंह को भी उनके पदों पर बनाए रखा था। वहीं, फतेहपुर के तत्कालीन जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल को उनके पद से हटाकर अन्नू श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी दी गई थी। ये सभी कदम 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त करने और उसे और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाए गए हैं।

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