उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। 18 फरवरी से शुरू होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में यदि किसी छात्र की उत्तर पुस्तिका में रुपये या नोट मिलते हैं, तो सिर्फ विद्यार्थी ही नहीं बल्कि परीक्षा कक्ष में ड्यूटी पर तैनात शिक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला अधिकारियों को विशेष निर्देश भेजे हैं कि परीक्षा केंद्रों पर पूरी सतर्कता बरती जाए। केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे छात्रों को परीक्षा से पहले ही चेतावनी दें कि कॉपी के अंदर किसी भी प्रकार के रुपये, नोट, चिट या अन्य सामग्री न रखें।
परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल
यह समस्या नई नहीं है। पहले भी कई मामलों में देखा गया है कि छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका में कुछ रुपये रख देते हैं, इस उम्मीद में कि कॉपी जांचने वाले शिक्षक खुश होकर उन्हें अधिक अंक दे देंगे। कुछ विद्यार्थी तो कॉपी में संदेश भी लिख देते हैं जैसे कि उनकी शादी होने वाली है और रुपये मिठाई के लिए हैं, इसलिए उन्हें पास कर दिया जाए।
बोर्ड इस प्रथा को पूरी तरह से अनुचित साधनों का उपयोग मानता है। यह परीक्षा की पवित्रता और ईमानदारी को प्रभावित करता है। ऐसे प्रयासों को नकल के समान माना जाता है और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।
कैसे होगी कार्रवाई
अगर परीक्षा के दौरान या उत्तर पुस्तिकाएं एकत्र करते समय किसी कॉपी में रुपये पाए जाते हैं, तो उन्हें तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। ये रुपये सरकारी राजकोष में जमा किए जाएंगे और जिला शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत इसे नकल माना जाएगा। छात्र के खिलाफ परीक्षा रद्द करने, जुर्माना लगाने या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, संबंधित विषय में उसे शून्य अंक भी मिल सकते हैं।
शिक्षकों की जवाबदेही तय
इस बार बोर्ड ने शिक्षकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। यदि किसी कॉपी में रुपये मिलते हैं तो यह माना जाएगा कि कक्ष निरीक्षक ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती है। या तो उन्होंने छात्रों पर उचित निगरानी नहीं रखी या फिर कॉपी वितरण और एकत्रीकरण के समय सावधानी नहीं बरती।
ऐसी स्थिति में संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबन, वेतन कटौती या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से लें।
कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखें और कॉपी बांटने तथा जमा करते समय विशेष सावधानी बरतें। अगर कोई संदिग्ध स्थिति दिखे तो तुरंत केंद्र अधीक्षक को सूचित करें।





