उत्तर प्रदेश के उन उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर सामने आई है जो स्मार्ट मीटर का उपयोग करते हैं। दरअसल, नेगेटिव बैलेंस होने के बावजूद जिन उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किया है 13 मार्च से वह बिजली का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इन स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की इलेक्ट्रिसिटी कट कर दी जाएगी।
पावर कार्पोरेशन प्रबंधन में उपभोक्ता को कहा है कि अगर वह असुविधा से बचना चाहते हैं मीटर को रिचार्ज करा लें अथवा उन्हें परेशानी हो सकती हैं। चलिए जान लेते हैं कि आखिरकार कॉर्पोरेशन ने सख्त कदम क्यों उठाया है।
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कितने है उपभोक्ता
प्रदेश में अब तक 77.10 लाख स्मार्ट मीटर लगाया जा चुके हैं। उपभोक्ता इन मीटर का उपयोग तो कर रहे हैं लेकिन इनमें से हम बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिनके मीटर रिचार्ज ना करवाए जाने से नेगेटिव बैलेंस में चल रहे हैं।
इन लोगों को बार-बार नेगेटिव बैलेंस का मैसेज भेजा गया है इसके बावजूद भी ये रिचार्ज नहीं करवा रहे हैं। यही कारण है कि प्रबंधन में 13 मार्च से नेगेटिव बैलेंस वाले स्मार्ट प्रीपेड मीटर को ऑटोमेटिक सिस्टम के तहत डिस्कनेक्ट करने का फैसला लिया है। यह मीटर तभी चालू होंगे जब उपभोक्ता अपना बिल जमा करेंगे।
बार बार दी जा रही सूचना
प्रबंधन की ओर से रिचार्ज करने के लिए उपभोक्ताओं को लगातार मैसेज किए जा रहे हैं। विभाग के कैश काउंटर के अलावा अगर वह चाहे तो ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे भी रिचार्ज कर सकते हैं। किसी भी तरह की समस्या होने पर 1912 पर कॉल किया जा सकता है। इन उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड नंबर पर बिजली का बिल भेजने के अलावा उनके द्वारा रिचार्ज की गई धनराशि को भी सूचना दी जा रही है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली बिल में दो प्रतिशत की छूट भी दी जाती है।