उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों जुबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोप का दौर अपने चरम पर है, जहां योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजभर ने सपा मुखिया पर व्यंग्यबाण छोड़ते हुए उनकी मुंबई यात्राओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं, साथ ही यह भी दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के भीतर बड़ी गड़बड़ी चल रही है और यह स्थिति अब केवल कुछ विधायकों के दल-बदल तक सीमित नहीं है।
राजभर ने अखिलेश यादव की कथित गोपनीय मुंबई यात्राओं पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें वहां बार-बार जाने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में समाजवादी पार्टी के मात्र दो विधायक हैं, जिनके टूट जाने से पार्टी की सेहत पर कोई विशेष प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके विपरीत, राजभर ने अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के उन नेताओं और विधायकों की ओर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, जो दल-बदल की तैयारी में जुटे हुए हैं और किसी भी समय पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं।
मंत्री राजभर का सपा में बड़ी गड़बड़ी का दावा
ओम प्रकाश राजभर ने सपा के आंतरिक मामलों में गंभीर गड़बड़ी का दावा करते हुए यह भी रेखांकित किया कि उनके पास मौजूद कुछ स्क्रीनशॉट तो इस बड़े राजनीतिक उलटफेर का महज एक नमूना भर हैं, जबकि वास्तविक स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर और व्यापक है। योगी सरकार में मंत्री का पदभार संभाल रहे सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से अखिलेश यादव पर सीधे प्रहार किया। उन्होंने लिखा, ‘बाबू छुप-छुप के मुंबई क्यों जा रहे हो? अरे वहां तो केवल दो ही विधायक हैं, वो टूट जाएंगे तो भी कोई दिक्कत नहीं है।’
जो भागने की तैयारी में हैं, उन्हें कौन संभालेगा? राजभर का तंज
इसके उपरांत राजभर ने अपने अगले वाक्य में सवाल उठाया, ‘यहां वाले जो भागने की तैयारी में हैं, उन्हें कौन देखेगा?’ उन्होंने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष का मानसून सत्र आरंभ होने से पूर्व अपने सांसदों को कर्नाटक के किसी विशेष रिसॉर्ट में ले जाने का कथित विचार भी साकार नहीं हो पाएगा। राजभर के अनुसार, ‘मैंने जो कहा है न कि सपा में गड़बड़ चल रहा है, ये स्क्रीन शॉट उसका एक नमूनाभर है। बात इससे आगे जा चुकी है।’ इस बयान से उन्होंने सपा के भीतर व्याप्त असंतोष की गहराई को और अधिक स्पष्ट करने का प्रयास किया, जिससे पार्टी के भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
यह सर्वविदित है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया ओम प्रकाश राजभर विगत कई समय से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निरंतर शाब्दिक प्रहार कर रहे हैं। राजभर ने इससे पूर्व भी यह दावा किया था कि समाजवादी पार्टी के भीतर भी महाराष्ट्र की शिवसेना और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, जहां उसके सांसद भी बड़े पैमाने पर दल-बदल कर सकते हैं। इन गंभीर आरोपों और दावों को लेकर वह समाजवादी पार्टी पर लगातार निशाना साधते रहते हैं। प्रतिदिन सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से वह कोई न कोई नया रहस्योद्घाटन कर सपा की अंदरूनी कलह को उजागर करने का प्रयास करते हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल बनी रहती है।
हालांकि, एक विरोधाभास यह भी है कि जहां एक ओर राजभर सपा में बड़ी टूट का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी अपनी पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही हैं। यह स्थिति राजनीतिक पर्यवेक्षकों के बीच गहन चर्चा का विषय बनी हुई है, जो उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






