UP की पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात की छारी-ढांड बनीं रामसर साइट, देश में कुल संख्या बढ़कर 98 हुई, पीएम मोदी ने दी बधाई

भारत के दो और आर्द्रभूमि क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट का दर्जा मिला है। उत्तर प्रदेश की पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात की छारी-ढांड को सूची में शामिल किया गया है, जिससे देश में कुल रामसर स्थलों की संख्या 98 हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई।
Patna Bird Century UP

नई दिल्ली: भारत में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ में छारी-ढांड संरक्षण रिजर्व को अंतरराष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड्स (रामसर साइट) के रूप में मान्यता दी गई है। इस घोषणा के साथ ही देश में रामसर साइटों की कुल संख्या बढ़कर 98 हो गई है।

यह मान्यता इन क्षेत्रों की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक महत्व को हाइलाइट करती है। वर्ल्ड वेटलैंड डे से ठीक पहले हुई यह घोषणा भारत की पर्यावरण संरक्षण प्रतिबद्धताओं को और मजबूत करती है।

पीएम मोदी ने दी बधाई

इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह मान्यता जैव विविधता संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

“भारत ने अपनी रामसर साइटों में दो और आर्द्रभूमियों- गुजरात में छारी-ढांड संरक्षण रिजर्व और उत्तर प्रदेश में पटना पक्षी अभयारण्य को जोड़ा है। यह हमारी प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने की संस्कृति का प्रमाण है और जैव विविधता के संरक्षण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

पीएम मोदी ने इन क्षेत्रों के संरक्षण से जुड़े स्थानीय लोगों को भी बधाई दी और उम्मीद जताई कि ये स्थल प्रवासी और देशी पक्षियों के लिए सुरक्षित बने रहेंगे।

2014 से 276% की वृद्धि

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के रामसर नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश में केवल 26 रामसर साइट थीं, जिनकी संख्या अब 98 हो गई है। यह 276 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

भूपेंद्र यादव के अनुसार, ये दोनों आर्द्रभूमियाँ सैकड़ों प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की प्रजातियों का घर हैं। इसके अलावा, ये क्षेत्र चिंकारा, भेड़िया, कैराकल, मरु बिल्ली और मरु लोमड़ी जैसे कई दुर्लभ वन्यजीवों को भी आश्रय देते हैं।

राज्यों के लिए गर्व का क्षण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पटना पक्षी अभयारण्य को मिली इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता को प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि विकास और प्रकृति संरक्षण को एक साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।

वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने छारी-ढांड को रामसर सूची में शामिल किए जाने को राज्य की जैव विविधता के लिए एक बड़ी सफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए राज्य सरकार के प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान पा रहे हैं। इस मान्यता से स्थानीय संरक्षण प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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