उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का इंतजार खत्म हो गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने वर्ष 2026 में होने वाली सभी प्रमुख भर्ती परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है। इस शेड्यूल के आने से अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी को सही दिशा देने और समय प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी।
आयोग द्वारा जारी कैलेंडर में सबसे अहम जानकारी PCS (सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा) परीक्षा को लेकर है। इसके अलावा समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) से लेकर अन्य कई बड़ी परीक्षाओं की तारीखों का भी ऐलान किया गया है।
PCS मेन्स मार्च में, प्रीलिम्स साल के अंत में
कैलेंडर के अनुसार, उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली PCS मुख्य परीक्षा-2025 का आयोजन 29 मार्च 2026 से किया जाएगा। यह परीक्षा चार दिनों तक चलेगी और 1 अप्रैल 2026 को समाप्त होगी। वहीं, अगले भर्ती चक्र के लिए PCS प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन साल के अंत में 6 दिसंबर 2026 को होगा। इन तारीखों के ऐलान से हजारों गंभीर उम्मीदवारों ने राहत की सांस ली है।
फरवरी से ही शुरू हो जाएगी परीक्षाओं की दौड़
UPPSC की परीक्षा गतिविधियां साल की शुरुआत से ही तेज हो जाएंगी। सबसे पहले समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) मुख्य परीक्षा-2023 का आयोजन 2 और 3 फरवरी 2026 को किया जाएगा। इसके ठीक बाद 6 फरवरी 2026 को कंप्यूटर असिस्टेंट परीक्षा-2025 होगी।
मार्च का महीना भी अभ्यर्थियों के लिए काफी व्यस्त रहेगा। इस महीने कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रस्तावित हैं:
- स्टाफ नर्स यूनानी (प्रारंभिक) परीक्षा-2025: 17 मार्च 2026
- सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) प्रारंभिक परीक्षा-2025: 22 मार्च 2026
- PCS मुख्य परीक्षा-2025: 29 मार्च से 1 अप्रैल 2026
जुलाई और अक्टूबर में भी अहम परीक्षाएं
कैलेंडर के मुताबिक, सहायक वन संरक्षक/क्षेत्रीय वन अधिकारी (ACF/RFO) मुख्य परीक्षा-2025 की शुरुआत 14 जुलाई 2026 से होगी। यह परीक्षा लगभग 13 दिनों तक चलेगी। इसके अतिरिक्त, अप्रैल से सितंबर के बीच सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, और नगर नियोजक जैसे कई अन्य पदों के लिए भी परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
अक्टूबर 2026 में मुख्य रूप से मेडिकल और स्वास्थ्य से जुड़ी स्क्रीनिंग परीक्षाएं होंगी, जिनमें पशु चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन के पद शामिल हैं। आयोग का यह कदम उम्मीदवारों को पहले से योजना बनाने का अवसर देता है, जिससे वे अपनी निजी और व्यावसायिक जिंदगी में बेहतर तालमेल बैठा सकें।





