उत्तर प्रदेश सरकार ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में राज्य के राहत आयुक्त कार्यालय और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मकसद राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और सशक्त बनाना है।
तीन साल में लागू होगा प्लान
राज्य सरकार ने इस साझेदारी के तहत आगामी तीन सालों में 19.99 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह धनराशि चरणबद्ध तरीके से खर्च की जाएगी और UNDP की ओर से प्रस्तुत तकनीकी प्रस्तावों के आधार पर योजनाएं लागू की जाएंगी। इस पहल के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों और 20 प्रमुख शहरों को संभावित खतरों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा।
सीएम ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “आपदा प्रबंधन आज की प्रशासनिक प्राथमिकता है। तकनीकी दक्षता, प्रशिक्षण और पूर्व तैयारी के समन्वय से ही आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है।” उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी और राज्य को अग्रणी स्थान दिलाएगी।
#UPCM @myogiadityanath से आज लखनऊ स्थित उनके सरकारी आवास पर @UNDP_India की Resident Representative Ms. Angela Lusigi जी ने शिष्टाचार भेंट की।@angelalusigi pic.twitter.com/ZhcR3IOL5b
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 16, 2025
क्या-क्या है इस मेगा प्लान में?
इस समझौते के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण पहलों को शामिल किया गया है। जिसमें-
जिला और विभागीय योजनाएं: प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला आपदा प्रबंधन योजनाएं और 15 विभागों की विभागीय आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार की जाएंगी।
शहरी तैयारी: 20 प्रमुख शहरों में संभावित आपदाओं के खतरे और संवेदनशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा। इन्हीं शहरों में विशेष शहरी आपदा प्रबंधन योजनाएं भी बनाई जाएंगी।
तकनीकी मजबूती: राज्य स्तरीय आपदा सूचना प्रणाली को अधिक मजबूत और एकीकृत किया जाएगा।
प्रशिक्षण और उपकरण: अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, साथ ही आईसीटी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट: राहत आयुक्त कार्यालय में एक विशेष परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) स्थापित की जाएगी। राज्य के 10 विभागों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किए जाएंगे।
इस अवसर पर UNDP की भारत प्रमुख और रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव एंजेला लुसीगी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए हर स्तर पर तकनीकी सहयोग देने का आश्वासन दिया। लुसीगी ने बताया कि यह समझौता राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की सिफारिशों के अनुरूप है।





