आगरा में आज योगी सरकार की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य द्वारा किसानों की समस्याओं पर बुलाई गई बैठक में कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सरकार पर तंज कसने का मौका मिल गया। मौर्य ने इस गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत करने की बात कही। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसते हुए कहा कि अधिकारी अब बहाने बनाएंगे कि ‘जाम लगा था, पानी भरा था, या बीच सड़क सांड खड़ा था।’ उन्होंने इसे बीजेपी की नाकामी और आंतरिक खींचतान का परिणाम बताया।
आगरा के विकास भवन में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य मौर्य की ग्रामीण विधानसभा के किसानों की समस्याओं का समाधान था। प्रशासन को प्रोटोकॉल के तहत सूचना दी गई थी, फिर भी कोई अधिकारी मौजूद नहीं हुआ। नाराज मौर्य ने जिला अधिकारी से फोन पर बात कर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि वे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगी। यह घटना योगी सरकार के प्रशासनिक ढांचे पर सवाल उठाने वाली साबित हुई और विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे गई।
अखिलेश का बीजेपी पर हमला
अखिलेश यादव ने इस घटना को बीजेपी की असफलता और अधिकारियों की उदासीनता का प्रतीक बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कौन अधिकारी कैबिनेट मंत्री की अवमानना करने का साहस कर रहा है और क्या यह कोई आंतरिक खींचतान का परिणाम है। अखिलेश ने अपने पोस्ट में लिखा, “बीजेपी डिमोशन के बाद भी डिमोशन करने का मौका नहीं चूकती।” उन्होंने इस मामले को ‘दिल्ली-लखनऊ वाया आगरा’ की कहानी करार देते हुए गहरी जांच की मांग की।
अधिकारियों का स्पष्टीकरण
बाद में अधिकारियों ने इस गैरमौजूदगी पर सफाई दी। अपर जिला अधिकारी (प्रोटोकॉल) प्रशांत तिवारी ने बताया कि उसी समय मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार टीम आगरा में थी, और दोनों बैठकों का समय टकरा गया। इस कारण कुछ अधिकारी नहीं पहुंच सके, हालांकि कृषि विभाग से संबंधित कई अधिकारियों को भेजा गया था। यह स्पष्टीकरण बीजेपी की स्थिति को मजबूत करने का प्रयास है, लेकिन विपक्ष इसे सरकार की कमजोरी के रूप में भुनाने में जुटा है।





