क्या यूपी में अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस? नए सिरे से तैयार हो रही रणनीति, प्रदेश अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान

उत्तरप्रदेश में साल 2026 में पंचायत चुनाव होने से पहले एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बिहार चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी प्रदेश में नए सिरे से रणनीति तैयार करने में जुट गई है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी अकेले ही चुनाव में अपना दम दिखाएगी।
Uttar Pradesh Congress

उत्तरप्रदेश में साल 2026 में पंचायत चुनाव होना है। जिसको लेकर राज्य के सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है। अब ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि यूपी में कांग्रेस ने अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया है यानि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं होगा। इसी तरह महाराष्ट्र में भी कांग्रेस अकेले ही चुनाव लड़ रही है। हालांकि देखा जाए तो बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-आरजेडी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था जिससे दोनों ही दलों को भारी नुकसान हुआ था।

बता दें कि बिहार चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में नए सिरे से रणनीति तैयार करने में जुट गई है। इसी कड़ी में बुधवार को नई दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर यूपी कांग्रेस की जरूरी बैठक हुई, जिसमें यूपी प्रभारी अविनाश पांडे भी मौजूद थे।

विधानसभा चुनाव से पहले ​कांग्रेस की नई रणनीति

यूपी में आगामी पंचायत चुनाव में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ नहीं बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस के इस फैसले से सियासी गलियारों में हलचल पैदा हो गई है और इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की एक नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बिहार चुनाव के रिजल्ट और यूपी उपचुनाव में मिली सीटों को लेकर हुई खींचतान के बाद अब पार्टी नए स्तर से काम करना चाहती है।

क्या बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय?

बता दें कि साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में भले ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को कामयाबी मिली। थी लेकिन अब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों की दलों के बीच दू​रियां बढ़ती जा रहीं हैं। इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी और सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। इससे समाजवादी पार्टी के साथ उनके रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बिहार में कांग्रेस की करारी शिकस्त

बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। जब सीट शेयरिंग और उम्मीदवारों पर फैसला हुआ तो पार्टी के कार्यकर्ताओं और कई नेताओं में नाराजगी साफ देखी गई थी। जिसका असर चुनाव प्रचार में भी हुआ। नतीजे आए और पार्टी सिर्फ 6 सीट ही जीत सकी।

बता दें कि पार्टी ने 61 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। कांग्रेस के साथ आरजेडी को भी सीटों को नुकसान हुआ और फिर से एनडीए की सरकार बनी। अब कांग्रेस अकेले ही किस्मत अजमा रही है जिससे जनाधार को मजबूत कर सके। अगर पंचायत चुनाव में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती है तो इसका पूरा फायदा विधानसभा चुनाव 2027 में भी मिलेगा।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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