योगी आदित्यनाथ बोले राम मंदिर दान चोरी में SIT की रिपोर्ट में साधु-संत दोषी नहीं, विपक्ष का आचरण सनातन विरोधी

योगी ने कहा यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, किसान अब सुसाइड नहीं कर रहा है। आज यूपी ने खुद को देश में टॉप थ्री इकोनॉमी में खड़ा किया है। जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली थी। आज वही सपा फिर देश के अंदर यूपी की छवि धमिल करने की कोशिश कर रही है।
Yogi Adityanath speaks to media in Lucknow

Yogi Adityanath speaks to media in Lucknow

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान आज अनुपूरक बजट पेश किये जाने के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए समाजवादी पार्टी के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी की उनकी मांग थी कि अनुपूरक बजट पर चर्चा से पहले राम मंदिर दान चोरी पर चर्चा की जाए इसी दौरान समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने योगी की तस्वीर के साथ नारेबाजी शुरू कर दी जिसपर अध्यक्ष नाराज हो गए और विधायक को पूरे सदन के लिए निलंबित कर दिया, विपक्ष के आचरण को मुख्यमंत्री ने शर्मनाक और सनातन विरोध बताया है।

विधानसभा में हंगामे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में कहा कि जनता के मुद्दों पर चर्चा हो, इसके लिए सभी सदस्यों के पास मौका था। लेकिन, इनका न चर्चा पर विश्वास है, न सांविधानिक मूल्यों पर। इसीलिए ये लोग अव्यवस्था फैला रहे हैं। उन्होंने कहा विपक्ष का यह आचरण शर्मनाक है। अनुपूरक बजट का एजेंडा पहले ही तय हो गया था। इस पर विरोधी दलों के लोगों ने रुचि नहीं ली। बल्कि दूसरे मुद्दों पर वह व्यवधान डाल रहे हैं।

हंगामे के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर नारेबाजी शुरू की, इसपर विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए, उन्होंने सचिन यादव को फटकार लगाई और बैठें के लिए कहा लेकिन विधायक का विरोध जारी रहा, इसके बाद  सतीश महाना  खाद एहो गए। उन्होंने विधायक सचिन यादव को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि इन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर किया जा रहा है। नाराज सतीश महाना ने कहा कि वह दोबारा ऐसा करते हैं तो विशेषाधिकार नोटिस लाकर उनकी सदस्यता खत्म कर देंगे।

सदन के स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात करते हुए राम मंदिर दान चढ़ावा चोरी पर प्रतिक्रिया दी उन्होंने घटना संज्ञान में आने के तत्काल बाद सरकार द्वारा लिए गए एक एक एक्शन की तारीखवार जानकारी दी, उन्होंने कहा सरकार की एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरे चैक किये, उसने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट बहुत जल्दी सरकार को सौंपी जिसमें कोई भी साधु संत दोषी नहीं मिले, ऐसे में साधु संतों और 1100 से अधिक कर्मचारियों पर आक्षेप लगाना आश्चर्य की बात है। उन्होंने कहा ये आरोप वो सपा और कांग्रेस लगा रही है, जिन्होंने हमेशा रामजन्मभूमि और भगवान राम का अपमान किया है।

जो प्रभु श्री राम प्रभु श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर चुके हैं, वे आज आस्था की बात करते हैं

उन्होंने कहा कि क्या ये सच नहीं कि 1990 में  अयोध्या की गालियों को और पवित्र पवित्र सरयू नदी को रक्तरंजित करना का पाप समाजवादी पार्टी ने किया था। योगी ने कहा इन लोगों ने राम जन्म भूमि मंदिर का हमेशा विरोध किया ,  ये वही लोग हैं जो 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण के बाद भी नहीं गए। जो लोग प्रभु श्री राम और प्रभु श्री कृष्ण पर प्रश्न खड़ा कर चुके हैं वे लोग आस्था की बात करते हैं जो लोग हिंदुओं और सनातन परंपरा को हमेशा कठघरे में खड़ा करते रहे हैं। ये लोग आस्था की चर्चा कर रहे हैं। आज इनका आचरण सबने देखा किस तरह अध्यक्ष पीठ की अवमानना की गई इनका आचरण आश्चर्यजनक और शर्मनाक था।

योगी बोले, विपक्ष का आचरण संवैधानिक मूल्यों को तार तार करने वाला

योगी ने कहा सदन चर्चा का स्थल है यहाँ संवाद होता है और जब पीठ ने दूध का दूध, पानी का पानी करने की बात कही तो इन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। जनहित से जुड़े मुद्दों को भटकाने का काम करते हैं, सपा और कांग्रेस का ऐसा आचरण सनातन का अपमान और 25 करोड़ जनता  के हितों पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा अध्यक्ष पीठ का अपमान और मार्शलों के साथ धक्कामुक्की करने की हम निंदा करते हैं। इन लोगों ने माहौल को खराब करने की कोशिश की। इनका आचरण संवैधानिक मूल्यों को तार तार करने वाला है। यूपी के धार्मिक पर्यटन को आगे बढ़ने से रोकने का कुत्सित प्रयास है। हम इसकी निंदा करते हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews