उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। बैठक में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, साइबर सुरक्षा और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिये गये हैं।

बता दें कि बैठक में लिये गये फैसलों में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन, शिक्षकों को कैशलेस इलाज, साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना और PRAGATI रोबोटिक्स पार्क बनाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विभिन्न प्रस्तावों की जानकारी दी है।

शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा

कैबिनेट की बैठक में शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। इसके तहत माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ मिलेगा। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी इस सुविधा के दायरे में शामिल किया गया है। इसके अलावा संबंधित कर्मचारियों के आश्रितों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सरकार के इस फैसले से शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है।

सैनिक स्कूल मैनपुरी को 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त मिलेगी

कैबिनेट बैठक में सैनिक स्कूल, मैनपुरी के विकास हेतु ग्राम नौनेर में स्थित 9.524 हेक्टेयर भूमि रक्षा मंत्रालय की सैनिक स्कूल सोसायटी को निशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इससे विद्यालय में कैडेटों एवं शिक्षण तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी।

चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी

प्रदेश में सड़क संपर्क और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

योगी कैबिनेट में इन प्रस्तावों की दी गई स्वीकृति

  • बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा को स्वीकृति मिली।
  • चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को के प्रस्ताव पर मुहर लगी है।
  • उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को मंजूरी प्रदान दी गई है।
  • नावों और नाविकों के पंजीकरण एवं बीमा की व्यवस्था के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।
  • मैनपुरी सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त देने को मंजूरी दी गई।
  • झांसी और ललितपुर में भंडारगृह निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया।
  • पशुपालकों को एक गाय पालने पर ₹50 हजार तक अनुदान देने की मंजूरी।
  • सरकार पशु बीमा के प्रीमियम का 85% खर्च सरकार उठाएगी।
  • राज्य पशुधन मिशन के गठन को मंजूरी।
  • माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • प्रयागराज में हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने को मंजूरी दी गई।
  • UP साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना को मंजूरी मिली।
  • लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में PM मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित होगा।
  • उत्तर प्रदेश में PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना को मंजूरी मिली है।
  • प्रयागराज में ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल निर्माण को मंजूरी।
  • लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज-पेयजल से जुड़ी 7 परियोजनाओं के व्यय को मंजूरी।
  • FDI और वैश्विक कंपनियों के निवेश से जुड़े इम्पावर्ड कमेटी के फैसलों को स्वीकृति दी गई।
  • GCC नीति-2024 की उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को मंजूरी मिली।
  • उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
  • उत्तर प्रदेश पंचायती राज सामान्य निवास अवधारणा नियमावली-2026 को मंजूरी।
  • भारतीय स्टांप अधिनियम-1899 में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
  • चार अस्पतालों को PPP मॉडल पर संचालित करने और प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की क्षमता बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।