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योगी कैबिनेट के फैसले: OBC आरक्षण आयोग का होगा गठन, 1010 बेड के अस्पताल समेत 12 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

Written by:Ankita Chourdia
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उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने हेतु समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी, साथ ही कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली।
योगी कैबिनेट के फैसले: OBC आरक्षण आयोग का होगा गठन, 1010 बेड के अस्पताल समेत 12 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

उत्तर प्रदेश राज्य में आगामी चुनावों तथा अधोसंरचना विकास के दृष्टिगत अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे कुल 12 प्रस्तावों पर सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में मुहर लगाई गई। इन प्रस्तावों में पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) हेतु आरक्षण निर्धारित करने के उद्देश्य से एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मिली स्वीकृति सर्वाधिक चर्चा का विषय रही है।

इस आयोग में कुल पांच सदस्य समाहित होंगे, जिसकी अध्यक्षता उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। आयोग का कार्यकाल छह माह की अवधि हेतु निर्धारित किया गया है, जिसके उपरांत यह पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण संबंधी स्थिति का अध्ययन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करेगा। आयोग की रिपोर्ट के उपरांत ही पंचायत चुनावों में आरक्षण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह भी अनुमान है कि आयोग द्वारा अपनी रिपोर्ट नवंबर 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती है, जिसके परिणामस्वरूप पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव 2027 के पश्चात ही संपन्न होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय द्वारा 4 फरवरी 2025 को सरकार को इस आयोग के गठन का निर्देश दिया गया था।

पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी

उक्त प्रमुख निर्णय के अतिरिक्त, लखनऊ मेट्रो के चारबाग से बसंतकुंज कॉरिडोर हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) को भी हरी झंडी प्रदान की गई है। साथ ही, पशु चिकित्सा के छात्रों हेतु इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि करते हुए इसे आठ हजार रुपये से बढ़ाकर बारह हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। बीवीएससी एंड एएच (बैचलर ऑफ वेटनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंड्री) के छात्रों को इस निर्णय से विशेष राहत मिलेगी। प्रदेश के विभिन्न पशु चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रतिवर्ष लगभग दो हजार से ढाई हजार छात्र प्रवेश प्राप्त करते हैं, तथा वर्तमान में उत्तर प्रदेश में दस हजार से अधिक पशु चिकित्सा छात्र अध्ययनरत हैं। सरकार के इस कदम से इन छात्रों को महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।

1010 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को मंजूरी

मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों में प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार हेतु चिकित्सा शिक्षा विभाग को भूमि हस्तांतरण का निर्णय सम्मिलित है, जिससे प्रयागराज तथा समीपवर्ती जिलों के मरीजों को लाभ प्राप्त होगा। मिर्जापुर में एक वृहद बिजली उपकेंद्र तथा नवीन बिजली लाइनों के निर्माण हेतु लगभग 2800 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है, जिससे घरों, दुकानों और कारखानों को बेहतर तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी, परिणामतः उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और निवेश में वृद्धि होगी। लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नवीन परिसर में 1010 बेड के मल्टी स्पेशियलिटी इमरजेंसी अस्पताल, एक शिक्षण खंड (टीचिंग ब्लॉक) और एक नवीन ओपीडी खंड के निर्माण हेतु लगभग 855 करोड़ रुपये का आवंटन भी स्वीकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त, आगरा मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 के अंतर्गत आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो स्टेशन तथा वायडक्ट निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई है। कुल मिलाकर, इन फैसलों को राज्य में आगामी चुनावों के साथ-साथ अधोसंरचना विकास एवं जन कल्याण के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Ankita Chourdia
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