जीतू पटवारी ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और NTA पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घोटाला अब ‘पेपर माफिया’ से आगे निकल चुका है क्योंकि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी एनटीए की भूमिका भी संदिग्ध हो गई है।
उन्होंने कहा कि सीबाआई जांच में लगातार खुलासे हो रहे हैं कि NTA अफसरों के सीधे संपर्क से ही परीक्षा से 06 दिन पहले पेपर उपलब्ध हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि परीक्षा करवाने वाली एजेंसी ही गड़बड़ी में शामिल है तो सीधी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और विभाग के दोषी मंत्री की है। उन्होंने इस मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
जीतू पटवारी ने NTA की भूमिका पर उठाए सवाल
नीट पेपर लीक मामले को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने NTA की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि “सीबीआई जांच में सामने आया है कि अफसरों के सीधे संपर्क से ही परीक्षा से छह दिन पहले पेपर और आंसर उपलब्ध हो गए। यदि परीक्षा करवाने वाली एजेंसी ही गड़बड़ी में शामिल है, तो सीधी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और विभाग के दोषी मंत्री की है। 22 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो गया, किंतु अब तक न जवाबदेही तय हुई, न दोषी मंत्री का इस्तीफा हुआ। व्यापम से लेकर NEET तक बीजेपी राज में हर बड़ी परीक्षा घोटालों, भ्रष्टाचार और अराजकता की भेंट चढ़ रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को संरक्षण किया जा रहा है।
नीट पेपर लीक मामला
बता दें कि NEET-UG परीक्षा 3 मई को देशभर में आयोजित हुई थी। परीक्षा से पहले 27 अप्रैल से ही गेस पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर वायरल होने लगे थे, जिनमें असली पेपर के सैकड़ों सवाल पूरी तरह मैच कर रहे थे। भारी हंगामे के बाद NTA को परीक्षा रद्द करनी पड़ी और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।
CBI जांच में अब तक बड़े खुलासे हुए हैं और एजेंसी ने ने दिल्ली कोर्ट को बताया कि लीक का सोर्स NTA से जुड़ा अंदरूनी व्यक्ति ही है। सीबीआई ने एनटीए के पेपर सेटिंग पैनल से जुड़े दो प्रमुख एक्सपर्ट्स को गिरफ्तार किया है। इनमें पुणे के केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी और बॉटनी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे शामिल हैं। अब तक नौ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और मनी ट्रेल, कोचिंग नेटवर्क तथा बड़े खरीदारों की जांच जारी है। सीबीआई का कहना है कि पूरा पेपर सेटिंग पैनल जांच के दायरे में है। यह मामला इसलिए ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि नीट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था NTA के अंदरूनी लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पेपर सेटिंग, सुरक्षा और चेन ऑफ कस्टडी की पूरी व्यवस्था को लेकर अब एनटीए की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।






