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MP में महंगी बिजली को लेकर उमंग सिंघार का बीजेपी पर हमला, सरकार पर लगाया निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप

Written by:Shruty Kushwaha
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उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ के कर्ज वाले प्लांट को कम कीमत पर बेचने के बाद अब उसी परियोजना से महंगी बिजली खरीदकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस नेता ने बीजेपी सरकार पर आम उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
MP में महंगी बिजली को लेकर उमंग सिंघार का बीजेपी पर हमला, सरकार पर लगाया निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने लैंको अमरकंटक पावर प्लांट के अधिग्रहण और बिजली दरों के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ के कर्ज में डूबे प्लांट को बेहद कम कीमत पर बेचने के बाद अब उसी प्लांट से महंगी बिजली खरीदकर प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की तैयारी की जा रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस लैंको अमरकंटक पावर प्लांट पर करीब 14,631 करोड़ का कर्ज था, उसे अडाणी पावर ने मात्र 4,101 करोड़ में अधिग्रहित कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में बैंकों ने लगभग 72 प्रतिशत कर्ज छोड़ दिया, जिससे निजी कंपनी को बड़ा फायदा मिला। उन्होंने सवाल किया है कि जब प्लांट कम लागत में खरीदा गया तो इसका लाभ बिजली उपभोक्ताओं को क्यों नहीं दिया जा रहा।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने लैंको अमरकंटक पावर प्लांट के अधिग्रहण को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ के कर्ज वाले प्लांट को कम कीमत पर निजी कंपनी को सौंपने के बाद अब उसी परियोजना की बिजली का अतिरिक्त भार आम उपभोक्ताओं पर डालने की तैयारी की जा रही है।

महंगी बिजली को लेकर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियां हर साल इसी प्लांट से सैकड़ों मेगावाट बिजली खरीदती हैं। अधिग्रहण के बाद फिक्स चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे प्रदेश के उपभोक्ताओं पर लगभग 74 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पहले कर्ज माफी, फिर सस्ते अधिग्रहण और उसके बाद महंगी बिजली के जरिए जनता से वसूली का मॉडल अपनाया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम उपभोक्ता लगातार महंगी बिजली और बढ़ते बिलों का सामना कर रहे हैं।

दरअसल, लैंको अमरकंटक पावर प्लांट के अधिग्रहण के बाद बिजली टैरिफ को लेकर मामला मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग तक पहुंच गया है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और उपभोक्ता संगठनों ने आयोग के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा है कि जब बिजली परियोजना कम कीमत पर खरीदी गई है, तो उसकी उत्पादन लागत और टैरिफ संरचना का दोबारा मूल्यांकन होना चाहिए। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की प्रक्रिया के तहत लगभग दो साल पहले अडाणी पावर ने कर्जग्रस्त लैंको अमरकंटक परियोजना का अधिग्रहण किया था। इसके बाद अब बिजली खरीद दरों और फिक्स चार्ज को लेकर बहस तेज हो गई है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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