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उमंग सिंघार ने जल जीवन मिशन को लेकर MP सरकार को घेरा, कहा ” कटनी में सिर्फ कागजों पर अभियान”, भ्रष्टाचार के आरोप

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जिले में पेयजल संकट बना हुआ है और सैकड़ों शिकायतें अब भी लंबित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर प्रदेशवासियों के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उमंग सिंघार ने जल जीवन मिशन को लेकर MP सरकार को घेरा, कहा ” कटनी में सिर्फ कागजों पर अभियान”, भ्रष्टाचार के आरोप

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने कटनी जिले में जल संकट और ‘जल जीवन मिशन’ की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दशक की भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश को भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और झूठे विज्ञापनों का मॉडल बना दिया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि कटनी में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ‘जल जीवन मिशन’ जमीन पर नजर नहीं आ रहा और लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़े खुद इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जिले में 500 से अधिक शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में लंबित हैं।

जल जीवन मिशन को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि जल जीवन मिशन के तहत कटनी जिले में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि लोग इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है लेकिन सैंकड़ों शिकायतों के बावजूद इस समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले की 500 से अधिक शिकायतें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित हैं। इनमें 224 शिकायतें काम पूरा होने के बावजूद वापस नहीं ली गईं, जबकि 289 शिकायतें खराब हैंडपंप की मरम्मत न होने को लेकर हैं।

मुख्यमंत्री से संज्ञान लेकर समाधान की मांग 

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर के लोग पेयजल संकट झेल रहे हैं लेकिन बीजेपी सरकार सिर्फ दावे और विज्ञापन करने में व्यस्त है। उन्होंने सवाल किया कि “जनता के हक का पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है? क्या जल जीवन मिशन ठेकेदारों और अधिकारियों को फायदा पहुंचाने का माध्यम बन गया है”। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री से तत्काल संज्ञान लेने और अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है ताकि प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जिले के 893 गांवों में से 687 गांवों में एकल ग्राम नलजल योजनाएं स्वीकृत हुईं लेकिन 165 योजनाएं अभी भी अधूरी पड़ी हैं। 516 गांवों में काम पूरा होने का दावा है लेकिन सिर्फ 374 योजनाएं ही ग्राम पंचायतों को हैंडओवर हो सकी हैं। कई गांवों में बिजली आपूर्ति बंद होने, टंकियों की समस्या और नए पंपिंग स्टेशन शुरू न होने से संकट बढ़ गया है। जिले में 593 हैंडपंप खराब पड़े हैं। ग्रामीण इलाकों में कई गांवों में लोग रातभर हैंडपंपों पर लाइन लगाने को मजबूर हैं। कहीं दो साल से पानी की टंकी अधूरी पड़ी है तो कहीं पाइपलाइन बिछने के बावजूद अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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