भारतीय नौसेना की ताकत जल्द ही बढ़ने वाली है। दरअसल, नौसेना में तीन बड़े स्वदेशी जहाज शामिल होने वाले हैं, जो निगरानी राडार और एडवांस तकनीक से लैस रहने वाले हैं। इसके साथ ही सेना ओर भी ज्यादा एडवांस तकनीक के साथ दुश्मनों का सामना कर सकेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स का मुताबिक इन जहाजों में स्टील्थ फ्रिगेट, एक एंटी सबमरीन वॉरशिप और एक समंदर में रिसर्च करने वाला जहाज शामिल है। हिंद महासागर में अपनी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारतीय नौसेना में शामिल होंगे नए योद्धा
भारतीय नौसेना में जिन जहाजों को शामिल किया जा रहा है, उनमें अग्रय, संशोधक और दूनागिरि शामिल है। इन्हें कोलकाता में मौजूद गार्डन रीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा तैयार किया गया है। हाल ही में इन जहाजों को नौसेना को सौंप दिया गया है।
कब होंगे शामिल
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 45000 करोड़ रुपए की परियोजना के तहत ये जहाज 1 महीने के भीतर सेना में शामिल होने की उम्मीद है। स्टील्थ फ्रिगेट दूनागिरी को 1 महीने के भीतर सेना में शामिल किया जा सकता है। वहीं सबमरीन वॉरशिप अग्रय और संशोधक को भी एक साथ ही शामिल किया जाएगा। यह भी बताया जा रहा है कि बचे हुए 2 फ़्रीगेट 6 महीने के अंदर बेड़े में शामिल लिए जाएंगे।
स्वदेशी तकनीक से लैस
जो युद्धपोत सेना में शामिल लिए जा रहे हैं, यह स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम के तहत उठाया जा रहा है एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। जिसमें हथियार, निगरानी सिस्टम और सेंसर शामिल है। इसमें ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, बराक 8 सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम, पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता, एमएफ स्टार रडार जैसी क्षमताएं हैं। ये 149 मीटर लंबे हैं और समुद्र में 28 मील तक की स्पीड से चल सकते हैं। इनमें 225 क्रू सवार हो सकते हैं।






