मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत करीब 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। अपनी लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। कर्मचारियों ने 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल और 8 जून को मुख्यमंत्री निवास के घेराव की चेतावनी दी है।
मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र यदुवंशी, अध्यक्ष जितेंद्र भदोरिया और संयोजक विजय ठक्कर ने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। पूर्व में उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संघ का साफ कहना है कि जब तक सरकार ठोस लिखित आदेश जारी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि हड़ताल की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- सभी संविदा कर्मचारियों को स्थायी (नियमित) किया जाए।
- सामान्य प्रशासन विभाग की नीति 2023 के अनुसार न्यू पेंशन स्कीम (NPS) और हेल्थ इंश्योरेंस लागू किया जाए।
- अन्य राज्यों की तरह हर वर्ष 10 प्रतिशत वेतन बढ़ाया जाए।
- नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता दिया जाए।
- सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों सहित अन्य पदों के वेतन में उचित संशोधन और पूर्व की तरह इंक्रीमेंट दिया जाए।
- वेतन विसंगतियां दूर की जाए।
- संविदा कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश का लाभ दिया जाए।
- समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।
ऐसे चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
- 25 से 27 मई तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन
- 28 और 29 मई को कलेक्टर, सीएमएचओ और बीएमओ को ज्ञापन
- 30 मई से 1 जून तक जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन।
- 2 जून से कर्मचारी काम का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल
- 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।






