देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आईटी कैंपस में एक बार फिर छात्रों का उत्पात सामने आया है। दरअसल इंदौर के बी ब्लॉक हॉस्टल में शनिवार देर रात फाइनल ईयर के छात्रों ने जमकर हंगामा किया, हॉस्टल में खूब धूम मचाई। छात्रों ने हॉस्टल की सामग्रियों सहित खिड़कियों के शीशे में भी तोड़फोड़ की है, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। यह सब रामानुजन हॉस्टल में हुआ, जहां छात्रों ने सारी हदें पार कर दीं।
वहीं इस पूरे मामले पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आईटी कैंपस के प्रोफेसर प्रतोष बंसल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यह सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला है और इसमें किसी भी हाल में ढिलाई नहीं बरती जाएगी। निदेशक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मामले में सख्त कार्यवाही की जाएगी, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन इस पूरी घटना को बहुत गंभीरता से ले रहा है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए
हॉस्टल में हुई इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्रों के बीच हड़कंप मच गया है। मौके पर जाकर देखा गया तो हॉस्टल के अंदर लगे खिड़कियों के शीशे पूरी तरह से टूटे हुए थे, हॉस्टल की सामग्री इधर-उधर बिखरी पड़ी थी, कई महत्वपूर्ण सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया था। यह दृश्य डराने वाला था, जो छात्रों के उत्पात की कहानी बयां कर रहा था।
अनुशासन समिति के सामने रखा जाएगा पूरा मामला
वहीं प्रोफेसर बंसल ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उनके अनुसार, यह पूरा मामला अब अनुशासन समिति के सामने रखा जाएगा। जिन छात्रों ने शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनके माता-पिता को विश्वविद्यालय बुलाया जाएगा। यह एक बेहद सख्त कदम है, ताकि छात्रों को अपनी गलती का एहसास हो सके और उनके अभिभावकों को भी इस स्थिति से अवगत कराया जा सके। पूरी घटना की बारीकी से जांच होगी, एक-एक पहलू पर गौर किया जाएगा। जिन भी छात्रों ने यह हरकत की है, उन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
क्या नशे में थे छात्र?
वहीं निदेशक बंसल ने एक और महत्वपूर्ण बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छात्रों ने धूम मचाई है, उन हालातों की भी जांच होनी चाहिए। सामान्य स्थिति में कोई छात्र इस तरह की हरकत कैसे कर सकता है, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने इस बात पर भी संकेत दिया कि कैंपस में जहां समिति तो है ही, जिसकी जांच भी कराई जाएगी। छात्रों की संख्या का भी अनुमान लगाया गया है, जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। यह स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय केवल तोड़फोड़ पर ही नहीं, बल्कि इसके पीछे के कारणों और परिस्थितियों पर भी ध्यान दे रहा है।
फाइनल ईयर के छात्रों ने जो हरकत की है, उसे निदेशक बंसल ने पूरी तरह निंदनीय बताया है। यह सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के अनुशासन और गरिमा पर भी सवाल उठाता है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि इस तरह की अराजकता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामानुजन हॉस्टल में हुई इस घटना से पूरे कैंपस में चिंता का माहौल है। प्रोफेसर बंसल ने बताया कि जांच में किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भी यह आवश्यक है कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए और दोषियों को उचित दंड मिले।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट






