प्रदेश में हालिया पटाखा फैक्ट्रियों में हुए भीषण हादसों के बाद अब प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से चौकन्ना हो गया है। वहीं इसी कड़ी में इंदौर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। देवास में हुए पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के गंभीर परिणामों को देखते हुए, इंदौर में भी ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल आज इसी कड़ी में सिमरोल थाना क्षेत्र के दतोदा और घोसीखेड़ा स्थित पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों पर एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान जांच टीम ने सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी पाई, जिसके परिणामस्वरूप दो सुतली बम निर्माण फैक्ट्रियों और एक अवैध भंडारण शेड को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। यह कार्रवाई महू एसडीएम, तहसीलदार, सिमरोल थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम द्वारा की गई। टीम ने दतोदा में स्थित लक्ष्मी फाइबर इंडस्ट्रीज और घोसीखेड़ा में संचालित जय अम्बे पटाखा फैक्ट्री का गहन निरीक्षण किया।
सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं पाए गए
जांच के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि इन फैक्ट्रियों में कार्यरत मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क और हैंड ग्लव्स उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे। यह श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही का परिचायक है, विशेषकर ऐसे उद्योग में जहां विस्फोटक सामग्री का सीधा संपर्क होता है। धूल, रसायन और चिंगारी के बीच बिना मास्क और ग्लव्स के काम करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और दुर्घटनाओं को न्योता देना है। इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे का खतरा बना हुआ था। सुरक्षा घेरा कमजोर होने से न केवल श्रमिकों बल्कि आसपास के क्षेत्र के लिए भी जोखिम बढ़ जाता है।
फैक्ट्रियों के आसपास अब रिहायशी इलाके
प्रशासन ने यह भी पाया कि कई वर्षों पुराने लाइसेंसों के आधार पर चल रही इन फैक्ट्रियों के आसपास अब रिहायशी इलाके विकसित हो चुके हैं। इस स्थिति ने किसी भी बड़े हादसे की आशंका को और बढ़ा दिया था, क्योंकि घनी आबादी के बीच विस्फोटक सामग्री का भंडारण और निर्माण बेहद खतरनाक हो सकता है। रिहायशी इलाकों के बीच विस्फोटक सामग्री का भंडारण और निर्माण न केवल आसपास के निवासियों के लिए सीधे तौर पर खतरा है, बल्कि यह किसी भी अनियंत्रित स्थिति में बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान का कारण बन सकता है। घोसीखेड़ा स्थित फैक्ट्री के पास तो पोल्ट्री फार्म और मजदूरों के निवास स्थान भी मिले, जो सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है और गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी जगहों पर आग या विस्फोट की स्थिति में जान-माल का अधिक नुकसान हो सकता है।
अवैध शेड बनाकर पटाखों का भंडारण
इसके अलावा, सतनाम फायरवर्क्स के गोदाम में भी नियम विरुद्ध तरीके से एक अवैध शेड बनाकर पटाखों का भंडारण किया जा रहा था। यह स्पष्ट रूप से अवैध गतिविधियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाता है, जहां बिना अनुमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल के विस्फोटक सामग्री जमा की जा रही थी। इस प्रकार की अवैध गतिविधियों से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि यह क्षेत्र में सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा भी पैदा करता है।
उक्त गंभीर अनियमितताओं और सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी को देखते हुए, प्रशासन ने बिना किसी विलंब के कार्रवाई करते हुए दोनों सुतली बम फैक्ट्रियों और अवैध भंडारण शेड को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान डीसीपी ग्रामीण उमाकांत चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि प्रशासन अब पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं करेगा। भविष्य में भी ऐसी लापरवाहियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके।
इंदौर से शकील अंसारी की खबर






